Congress Meenakshi Natrajan Nomination News: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर एक बहुत बड़ा और अहम राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। रिटर्निंग अधिकारी ने राज्यसभा के लिए कांग्रेस की एकमात्र उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र पूरी तरह खारिज कर दिया है। इस बड़े और अचानक आए फैसले के बाद से पूरी कांग्रेस पार्टी में भारी नाराजगी और गुस्सा साफ देखने को मिल रहा है। आज पार्टी का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के दफ्तर जाकर इस मामले की बहुत गंभीर शिकायत करेगा।
मंगलवार रात करीब 10 बजे पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, मप्र प्रभारी हरीश चौधरी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सीईओ कार्यालय पहुंचे थे। वहां कोई अधिकारी न मिलने पर कांग्रेस नेताओं ने कार्यालय परिसर में ही फर्श पर बैठकर धरना देना शुरू कर दिया। लगभग आधे घंटे के लंबे इंतजार के बाद डिप्टी सीईओ वहां पहुंचे और उन्होंने नेताओं को बुधवार सुबह 11 बजे का समय दिया। कांग्रेस ने नामांकन निरस्त किए जाने को साफ तौर पर लोकतंत्र की हत्या और सीट चोरी करार दिया है।
दिल्ली में भी कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर अपना कड़ा धरना प्रदर्शन लगातार जारी रखा है। चुनाव आयोग के अधिकारी के अनुसार 10 जून को दोपहर 12 बजे नई दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में अहम बैठक होगी। इस बैठक में शामिल होने के लिए आयोग ने सचिव अश्विनी कुमार मोहल के जरिए कांग्रेस अध्यक्ष को एक पत्र भेजा है। आयोग ने पार्टी से बैठक में शामिल होने वाले प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम भी जल्द से जल्द उपलब्ध कराने को कहा है।
राज्यसभा चुनाव में नामांकन रद्द होने के कड़े विरोध में कांग्रेस पार्टी का भारी प्रदर्शन आगे भी लगातार जारी रहेगा। सभी कांग्रेसजन भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर दोपहर 12 बजे से लेकर 3 बजे तक अपना सामूहिक उपवास रखेंगे। इस बड़े प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी समेत पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी प्रमुख रूप से मौजूद रहेंगे। कांग्रेस ने अपने सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से इस उपवास में अधिक संख्या में शामिल होने की सख्त अपील की है।
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बुधवार सुबह कांग्रेस के कई बड़े नेता चुनाव आयोग के दफ्तर जाकर इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। कांग्रेस ने साफ आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी ने भारी झूठ और षड्यंत्र रचकर यह नामांकन रद्द कराया है। अब पूरे प्रदेश की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि चुनाव आयोग की तरफ से कांग्रेस नेताओं को क्या आधिकारिक जवाब मिलता है। कांग्रेस नेताओं ने यहां तक चेतावनी दी है कि अगर उनकी सुनवाई नहीं होती है तो वे न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।