चिन्मय कृष्ण दास  
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बांग्लादेश में इस्कॉन से जुड़े चिन्मय देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार, रिहाई के लिए जोरदार प्रदर्शन...ढाका की सड़कें जाम

बांग्लादेश में इस्कॉन टेंपल से जुड़े धर्मगुरू चिन्मय कृष्ण दास प्रभु को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर देश द्रोह और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप है। उन पर देश द्रोह और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप है।

Saurabh Pal

ढाकाः बांग्लादेश में इस्कॉन टेंपल से जुड़े धर्मगुरू चिन्मय कृष्ण दास प्रभु को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर देश द्रोह और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप है। बंग्लादेश में सत्ता संग्राम छिड़ा हुआ है। राजनीतिक संकट से गुजर रहे बांग्लादेश के प्रधानमंत्री आवास पर पिछले दिनों आम लोगों ने धावा बोल दिया था। जिसके बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश छोड़ दिया था, फिलहाल उन्होंने भारत में शरण ली है। इसी दौरान 6 अगस्त को इस्कॉन टेंपल पर हमला हुआ था। जिसके बाद चिन्मय प्रभु चर्चा में आए थे।

इस हमले में भगवान जगन्नाथ की मूर्तियों को जला दिया गया था। इसके बाद चिन्मय दास ने कहा था कि चटगांव में तीन अन्य मंदिरों पर भी खतरा है। इस मामले को भारत सरकार ने भी उठाया था।

देशद्रोह का आरोप

बग्लादेश इस्कॉन से जुड़े धर्मगुरु चिन्मय कृष्ण दास प्रभु को सोमवार की दोपहर गिरफ्तार किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन पर देशद्रोह और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का केस है। चिन्मय प्रभु के सहायक आदि प्रभु ने बताया कि उनको ढाका के मिंटू रोड स्थित डीबी कार्यालय ले जाया गया, लेकिन यह साफ नहीं है कि उन्हें हिरासत में क्यों लिया गया है।

चिन्मय को नहीं दिखाया गिरफ्तारी का वारंट

बांग्लादेश की मीडिया के अनुसार चिन्मय प्रभु ढाका से चटगांव जाने के लिए हजरत शाहजलाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे थे, इस दौरान उन्हें खूफिया पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मौके पर मौजूद इस्कॉन के सदस्यों का कहना है कि डीबी पुलिस ने कोई गिरफ्तारी वारंट नहीं दिखाया। उन्होंने बस इतना कहा कि वे बात करना चाहते हैं। इसके बाद वो उन्हें माइक्रोबस में उन्हें बैठाकर लेकर गए।

ढाका में सड़के जाम

उनकी रिहाई की मांग को लेकर ढाका में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। प्रदर्शनकाारियों ने ढाका के सहबाग में प्रमुख सड़क को जाम कर दिया है।वे 'हम न्याय के लिए मरेंगे, हम इसके लिए लड़ेंगे' का नारा लगा रहे हैं।

हिंदुओं पर हमलों के खिलाफ चिन्मय उठाते हैं आवाज

चिन्मय प्रभु को चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर होने वाले हमलों के विरोध में बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था। इसके बाद से उनका नाम चर्चा में है। हमले के दौरान उन्होंने कहा था कि हिन्दुओं ने मिलकर उनकी सुरक्षा का प्रबंध किया है। साथ ही उन्होंने कहा था कि बांग्लादेशी हिंदू हिंसा से बचने के लिए त्रिपुरा और बंगाल में शरण ले रहे हैं। चिन्मय दास हिन्दू मंदिरों की सुरक्षा के मुद्दे को काफी समय से उठाते रहे हैं।

आजादी स्तंभ पर भगवा झंडा फहराया

बताया जा रहा है कि 25 अक्टूबर को चटगांव के लालदीघी मैदान में नातन जागरण मंच ने 8 सूत्री मांगों को लेकर एक रैली की थी, इस दौरान न्यू मार्केट चौक पर कुछ लोगों ने आजादी स्तंभ पर भगवा ध्वज फहराया था। इस ध्वज पर आमी सनातनी लिखा हुआ था। इसे लेकर चिन्मय कृष्ण दास पर राष्ट्रीय झंडे का अपमान का आरोप लगाया गया है।

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