India Expands Missile Test Zone: चीन ने रिसर्च के नाम पर समुद्री जहाजों को हिंद महासागर में बार-बार दाखिल कराया तो उसकी बदमाशी को समझते हुए भारत ने भी चीनी खतरे का तोड़ निकाल लिया है। भारत ने विशाखापत्तनम तट पर संभावित परीक्षण के लिए मिसाइल टेस्ट जोन की रेंज को बढ़ा दिया है। बता दें, चीन लगातार अरुणाचल प्रदेश पर भी अपना हक जमा रहा।
हाल में शंघाई एयरपोर्ट अरुणाचल प्रदेश की महिला को भारतीय मानने से इनकार करके उसने पासपोर्ट को अवैध बता दिया था। एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना था कि अरुणाचल प्रदेश तो चीन में ही है। अब वह विशाखापत्तनम में दाखिल होने की कोशिश कर रहा है।
सैटेलाइट फुटेज के एनलिस्ट डेमियन साइमन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- भारत ने विशाखापत्तनम तट पर अपने आगामी और संभावित समुद्री मिसाइल परीक्षण के लिए डेंजर जोन का विस्तार करते हुए नोटम जारी किया है। इसकी क्षमता करीब 3,485 किलोमीटर बताई जा रही है। साइमन ने एक्स पर फिर और पोस्ट किए, जिसमें ये दिखाया गया कि चीनी रिसर्च जहाज हिंद महासागर में अपनी गतिविधियां चला रहे है। साइमन ने पहले मिसाइल परीक्षण के लिए नोटम (एयरमैन को सूचना) के बारे में डिटेल साझा करते हुए लिखा था कि मिसाइल परीक्षण की मारक क्षमता 1,695 किलोमीटर है।
हाल में मुंबई स्थित पश्चिमी नौसेना कमान की अगुवाई करने वाले वाइस एडमिरल के. स्वामीनाथन ने इस बात पर जोर डालते हुए वर्तनाम चुनौतियों की ओर इशारा किया था कि कैसे चीनी नौसेना पहले से दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना बन चुकी है। इस तरह वाइस एडमिरल स्वामीनाथन के मुताबिक चीन के तीसरे विमानवाहक पोत फुजियान के जलावतरण के साथ छठी पीढ़ी के फाइटर जेट का प्रदर्शन कर चीन अपनी वैश्विक रणनीतिक महत्वाकांक्षाओं के दो टूक और स्पष्ट संदेश दे रहा है।
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आधा दर्जन देशों की संपदा निगलने का भरम पाल चुकी चीनी नौसेना हिंद महासागर में नापाक इरादों से घुस रहा है। भारत ने भी चीनी खतरे से निपटने के तसल्लीबख्स इंतजाम किए हैं। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय नौसेना प्री-एक्टिव रहती है। खासकर चीनी नौसेना की हरकतों को लेकर हमेशा तैयार रहती है।