आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस, (कॉन्सेप्ट फोटो) 
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चंडीगढ़ पुलिस ने IPS पूरन कुमार का लैपटॉप मांगा, IAS पत्नी को भेजा नोटिस; मौत का असली सच आएगा सामने!

IPS Y Puran Kumar: पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस लैपटॉप को डिजिटल जांच के लिए सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में भेजने की योजना है। इसका उद्देश्य सुसाइड नोट की प्रामाणिकता को वेरिफाई करना है।

मनोज आर्या

IPS Y Puran Kumar Suicide Case: चंडीगढ़ पुलिस ने दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की पत्नी आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार को एक नोटिस जारी किया है। पुलिस ने यह नोटिस अपने दिवंगत पति का लैपटॉप सौंपने के लिए दिया है। यह कार्रवाई आईपीएस अधिकारी की मौत की चल रही जांच के संबंध में की गई है, जिन्होंने कथित तौर पर 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मार ली थी।

पुलिस के अनुसार, यह लैपटॉप चल रही जांच में एक महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) का मानना है कि इस उपकरण में महत्वपूर्ण जानकारी हो सकती है, जिसमें कथित सुसाइड नोट का मूल मसौदा भी शामिल है। जांचकर्ताओं ने जोर देकर कहा है कि अधिकारी की मृत्यु से पहले की घटनाओं के क्रम को स्थापित करने के लिए डिवाइस को प्राप्त करना और उसकी जांच करना अनिवार्य है।

सुसाइड नोट की सत्यता की होगी जांच

पुलिस सूत्रों ने खुलासा किया है कि इस लैपटॉप को डिजिटल जांच के लिए सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL) में भेजने की योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य सुसाइड नोट की प्रामाणिकता को सत्यापित करना है। जांचकर्ताओं का लक्ष्य यह पुष्टि करना है कि क्या यह नोट वास्तव में आईपीएस पूरन कुमार ने खुद लिखा था और उनके अपने लैपटॉप पर बनाया गया था। लैपटॉप में कथित तौर पर सुसाइड नोट का एक सहेजा हुआ मसौदा (saved draft) मौजूद है। पुलिस का मानना है कि अधिकारी ने अपनी मृत्यु से पहले इसे ईमेल के माध्यम से भेजा था। एसआईटी का मानना है कि यह डिजिटल साक्ष्य जांच को आगे बढ़ाने के लिए निर्णायक हो सकता है।

आरोप और ईमेल विवरण की पड़ताल

आईपीएस अधिकारी पूरन कुमार ने जो 'अंतिम नोट' छोड़ा था, उसमें उन्होंने आठ वरिष्ठ पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों में हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) शत्रुजीत कपूर भी शामिल हैं, जिन पर "खुले तौर पर जाति-आधारित भेदभाव, लक्षित मानसिक उत्पीड़न, सार्वजनिक अपमान और अत्याचार" करने का आरोप लगाया गया था। इस बीच, हरियाणा के पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेज दिया गया है। एसआईटी का एक और महत्वपूर्ण लक्ष्य यह निर्धारित करना है कि यह ईमेल वाला नोट कितने लोगों को प्राप्त हुआ था। इसके अलावा, टीम यह पता लगाना चाहती है कि यह नोट किस सटीक समय पर भेजा गया था, और प्रत्येक प्राप्तकर्ता ने इस ईमेल तक कब पहुँच बनाई । ये सभी विवरण अधिकारी की मृत्यु से संबंधित घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में मदद करेंगे।

आईएएस पत्नी ने अभी तक लैपटॉप नहीं सौंपा

पुलिस द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद, आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार ने अभी तक अपने दिवंगत पति का लैपटॉप जांच दल को नहीं सौंपा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिवाइस को जल्द से जल्द पुनर्प्राप्त करना महत्वपूर्ण है। जांच टीम का मानना है कि डिवाइस के बिना, सुसाइड नोट की सत्यता और अधिकारी के अंतिम दिनों की घटनाओं का क्रम स्थापित करना कठिन हो सकता है।

सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए निर्देश

इस बीच, अधिकारी की मौत से जुड़ी संवेदनशीलता और सार्वजनिक तनाव के मद्देनजर हरियाणा सरकार ने राज्यव्यापी निर्देश जारी किए हैं। इस निर्देश में सांप्रदायिक सद्भाव और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त सतर्कता और समन्वित प्रयासों पर जोर दिया गया है। इस परिपत्र में सभी जिलों और डिवीजनों में सांप्रदायिक सद्भाव सुनिश्चित करने और सख्त निगरानी की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया गया है।

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