नवभारत लाइफस्टाइल डेस्क: हिमाचल प्रदेश विधानसभा में तमाम कयासों को दरकिनार करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बजट पारित करवा लिया है। बताया जा रहा है कि विपक्ष की गैर-मौजूदगी में बजट पारित होने के बाद विधानसभा सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र बजट पारित होने के बाद बुधवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। इसके पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बजट से संबंधित विधेयक को पारित करने का प्रस्ताव सदन के सामने रखा। सदन में विपक्ष के गैरमौजूदगी में बजट को पारित कर दिया गया।
इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जिन्होंने चेयर से कागज छीना है और सदन में अराजकता फैलाने की कोशिश की है, उन सभी लोगों पर कार्यवाही की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि जय राम ठाकुर को सत्ता की बहुत अधिक भूख है। उनको थोड़ा धैर्य रखना चाहिए। गुंडागर्दी से यह प्रदेश नहीं चलने वाला है। हिमाचल प्रदेश देवभूमि है। यहां के अफसर को डराने धमकाने की भी बात ठीक नहीं है। जयराम ठाकुर ने राज्यसभा चुनाव के समय जिस तरह का व्यवहार किया वह ठीक नहीं था।
इस तरह से देखा जाए तो हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार ने बजट पास कराकर एक तरह से अपना विश्वास मत हासिल कर लिया है। इसके बाद विधानसभा अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गयी है। वहीं अब सुक्खू सरकार को लगभग अगले 3 महीने तक का समय मिल गया है। वहीं कांग्रेस के बागी विधायकों को लेकर बातचीत व रूठने मनाने का सिलसिला जारी है। विधायकों के खिलाफ पार्टी की शिकायत पर विधानसभा में सुनवाई जारी रहेगी।
राज्यसभा में वोटिंग के बाद दल बदल अधिनियम को लेकर कांग्रेस विधायकों की अयोग्यता के मामले की सुनवाई विधानसभा समिति कक्ष में चल रही है। स्पीकर के चैंबर में सत्ता पक्ष पक्ष और विपक्ष के वकील मौजूद हैं। बीजेपी की ओर से सत्य पाल जैन बागी विधायकों की पैरवी करने के लिए बुलाए गए हैं। वह अपना जवाब देने के लिए 7 दिन का समय मांग रहे हैं।