सर्वदलीय बैठक के दौरान पक्ष और विपक्ष के नेता, (सोर्स- सोशल मीडिया) 
देश

Budget 2026: बजट सत्र से पहले ही मचा घमासान! सर्वदलीय बैठक में सरकार ने ठुकराई G-RAM-G और SIR पर चर्चा की मांग

Budget 2026: सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस के जयराम रमेश और सीपीएम के जॉन ब्रिटास समेत विपक्ष के नेताओं ने बजट सत्र के लिए सरकारी कामकाज की सूची नहीं दिए जाने पर भी आपत्ति जताई।

मनोज आर्या

Union Budget 2026: बजट सत्र से पहले आज मंगलवार को सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक में 39 दलों से 51 नेताओं ने हिस्सा लिया। केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की। कल राष्ट्रपति का अभिभाषण और परसो यानी गुरुवार को आर्थिक सर्वे पेश होगा। 1 फरवरी को आम बजट पेश होगा। कल से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र में जी-राम-जी कानून और SIR पर चर्चा की विपक्ष की मांग को सरकार ने खारिज कर दिया।

सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इन दोनों मुद्दों पर संसद में विस्तार से चर्चा हो चुकी है। रिजिजू ने कहा कि एक बार जब कोई कानून देश के सामने आ जाता है, तो हमें उसका पालन करना होता है और हम गियर रिवर्स करके पीछे नहीं जा सकते हैं।

कामकाज की सूची नहीं मिलने पर भी आपत्ति

सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस के जयराम रमेश और सीपीएम के जॉन ब्रिटास समेत विपक्ष के नेताओं ने बजट सत्र के लिए सरकारी कामकाज की सूची नहीं दिए जाने पर भी आपत्ति जताई। नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बैठक में यूजीसी की नईं गाईडलाईन का मुद्दा उठाया और कहा कि इसके खिलाफ हो रहा विरोध राजनीतिक वजहों से है। बैठक में विपक्षी सदस्यों ने बजट सत्र में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की जगह लाए गए 'जी-राम-जी' कानून, भारत पर अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ, विदेश नीति से जुड़े मुद्दे, वायु प्रदूषण, अर्थव्यवस्था के हालात समेत कई मुद्दों पर चर्चा की मांग की।

सरकार का विपक्ष से हंगामा न करने की अपील

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि यह साल का पहला सत्र है। हमें जनता का प्रतिनिधित्व करने और जनता की आवाज बनने के लिए चुना गया है। बोलने के अधिकार का प्रयोग करते समय हमें अन्य राजनीतिक दलों के सदस्यों को भी सुनने की जिम्मेदारी को भी निभाना चाहिए। रिजिजू ने सदस्यों से अपील की कि वे अपने मुद्दे उठाएं, लेकिन हंगामा न करें। साथ ही विपक्षी सांसदों ने कई मुद्दे उठाए हैं और उन्हें राष्ट्रपति के अभिभाषण और बजट पर होने वाली बहस के दौरान उठाया जा सकता है।

बजट पर ही केंद्रित रहे चर्चा- किरेन रिजिजू

रिजिजू ने कहा कि बजट सत्र के दौरान हर चर्चा बजट 2026 पर ही केंद्रित रहे, नियम यही है। संसदीय प्रणाली यही प्रथा रही है। संसद के संयुक्त सत्र के दौरान राष्ट्रपति का अभिभाषण होगा और फिर धन्यवाद प्रस्ताव के बाद हम बजट पर चर्चा करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जब धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान चर्चा होगी तो कई मुद्दे हैं, जिस पर विपक्ष बोल सकता है। सरकार तो हमेशा उन्हें (विपक्ष) सुनने के लिए तैयार ही है लेकिन अगर विपक्ष हंगामा करके भाग जाता है या सदन चलने नहीं देता तो हमें बहुत तकलीफ होती है।

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