BJP Strategy After Women Reservation Failed In Lok Sabha: लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर दो दिनों तक चली विस्तृत चर्चा के बाद इसे मतदान के लिए पेश किया गया। मतदान में विधेयक के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सदस्यों ने इसके खिलाफ मतदान किया। इस तरह यह बिल आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका और पारित नहीं हो पाया। हालांकि संसद में विधेयक गिरने के बावजूद भाजपा ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
पार्टी अब इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाने और विपक्ष को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। संसद की कार्यवाही समाप्त होने के बाद एनडीए की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी। इस दिशा में संकेत अमित शाह के भाषण में भी साफ नजर आए, जहां उन्होंने बार-बार आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल महिला आरक्षण के पक्ष में नहीं हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि आज लोकसभा में बहुत अजीब दृश्य दिखा। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया। उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने के बिल को गिरा देना, उसका उत्साह मनाना और जयनाद करना सचमुच निंदनीय और कल्पना से परे है।
अमित शाह अब देश की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण, जो उनका अधिकार था, वह नहीं मिल पाएगा। कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने यह पहली बार नहीं किया बल्कि बार-बार किया है। उनकी यह सोच न महिलाओं के हित में है और न देश के। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि नारी शक्ति के अपमान की यह बात यहां नहीं रुकेगी, दूर तक जाएगी। विपक्ष को महिलाओं का आक्रोश न सिर्फ 2029 लोकसभा चुनाव में, बल्कि हर स्तर, हर चुनाव और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा।
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पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में जारी विधानसभा चुनावों के बीच भाजपा इस मुद्दे को चुनावी अभियान का प्रमुख हिस्सा बना सकती है। पार्टी का फोकस यह संदेश देने पर रहेगा कि विपक्ष ने महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण सुधार को रोककर महिला हितों के खिलाफ रुख अपनाया है। इसी रणनीति के तहत नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के दौरे पर रहेंगे। वह नदिया जिले के कृष्णानगर में एक जनसभा को संबोधित करेंगे, जबकि 24 अप्रैल को उत्तर 24 परगना में भी उनकी रैली प्रस्तावित है। इन सभाओं के दौरान प्रधानमंत्री महिला आरक्षण विधेयक का मुद्दा उठाकर इसे चुनावी विमर्श के केंद्र में ला सकते हैं।