NEET Paper Leak Protest: देश की राजधानी दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले को लेकर कई दिनों से चल रहा आंदोलन सोमवार को अपने चरम पर पहुंच गया। संसद में मानसून सत्र चल रहा था उसी समय हजारों की संख्या में छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र के इस्तीफे समेत अन्य मुद्दे पर संसद चलो मार्च की तैयारी में थे। इस दौरान छात्रों और सुरक्षा बलों मे झड़प देखने को मिली।
सोशल मीडिया पर लाठीचार्ज का वीडियो-फोटो खूब वायरल हुए। इसके विरोध में मंगलवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में तमाम विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री आवास तक पैदल मार्च निकाला। इसके बाद वहीं धरने पर बैठ गए। इसके बाद प्रमुख विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
इस बीच सरकार की तरफ से छात्रों और विपक्षी नेताओं से बातचीत की भी कोशिश की गई है। छात्र आंदोलन और विपक्ष के धरने को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। सत्ताधारी दल के नेताओं की तरफ से ऐसे बयान सामने आए हैं, जिसमें आंदोलन पर सवाल खड़ा किया गया। एक सीनियर नेता ने तो दिल्ली में हो रहे आंदोलन को सरकार को बदनाम करने की नौटंकी तक कह डाला।
जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना किए जाने पर मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों ने पीएम मोदी को भारी जनादेश दिया है। सरकार का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि यह माना गया है कि गलती हुई है। क्या इसका मतलब यह है कि धर्मेंद्र प्रधान ने पेपर लीक किया? क्या सरकार ने पेपर लीक किया?
आगे उन्होंने कहा कि सरकार ने खुद स्वतः संज्ञान लिया और एक जांच एजेंसी नियुक्त की। इसलिए मुझे लगता है कि यह विरोध प्रदर्शन महज एक नाटक है। यह विरोध प्रदर्शन देश के युवाओं को भड़काने के लिए किया जा रहा है।
ये भी पढ़ें- PM आवास मार्च पर पुलिस का बड़ा एक्शन, राहुल-प्रियंका और अखिलेश यादव को हिरासत में लिया; देखें VIDEO
मंंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने संसद का सत्र इसलिए होता है ताकि हम हर मुद्दे पर बात कर सकें। हम चाहते हैं कि सत्र चले और ये लोग अपने प्रश्न हमारे सामने रखें लेकिन अगर लोग उत्पाद मचाएंगे तो वह ठीक नहीं है। जनता ने जिस सरकार को चुना है तो सरकार कैसे चलेगी ये उन्हीं का अधिकार है।