

Delhi Protest Update: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव समेत अन्य विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ लोक कल्याण मार्ग से दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कर्नाटक के CM डीके शिवकुमार ने पुलिस की कार्रवाई पर कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया गया। हम सभी देश के छात्रों के लिए लड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमें न्याय चाहिए। हम चाहते हैं कि संसद में इस पर चर्चा हो। यहां 100 से ज्यादा सांसद मौजूद हैं। किसी को भी गिरफ्तारी से डर नहीं लगता। यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने पर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश के नेता विपक्ष को प्रधान मंत्री निवास पर घसीटा जा रहा है, क्योंकि वो पेपर लीक पर धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और छात्रों पर हुए बर्बरता पूर्ण लाठीचार्ज पर जबाबदेही की मांग कर रहे थे। लगता है देश में गणतंत्र अब गन-लाठी तंत्र में बदल गया है ।
इसके पहले राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा कि छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है। प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए, बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे, नहीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं। मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों। भारत के छात्रों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष काअपनी बात से मुकर जाना दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकंतंत्र की हर मर्यादा के विपरीत है। सरकार NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार है। इसके विपरीत, कांग्रेस पार्टी ने आज तक इस गंभीर विषय पर नियमानुसार औपचारिक चर्चा करने का कोई नोटिस नहीं दिया है। राहुल गांधी का व्यवहार लोकतंत्र के ऊसूलों से मेल नहीं खाता है।
बीजेपी नेता जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि राहुल गांधी को यह आश्वसान दिया गया कि उनकी मांग को मान लिया गया है, तथा सरकार NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर संसद में चर्चा करने को तैयार है। राहुल गांधी जी को जब यह सूचना पहुंचाई गई तो उन्होंने कहा कि वह इतने पर ही नहीं मानेंगे अपितु उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का भी आश्वसान चाहा। उन्होंने कहा कि अब मेरी दो मांगे हैं: संसद में चर्चा एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा।