बीजेपी स्थापना दिवस 2025, कॉन्सेप्ट फोटो  
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BJP Foundation Day: 15 राज्यों में अकेले BJP, 21 में NDA की सरकार; क्या भाजपा की सफलता सिर्फ मोदी फैक्टर? या कुछ और...

1980 में स्थापित यह पार्टी आज देश की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बन चुकी है। बीजेपी फिलहाल 15 राज्यों में अपनी सरकार चला रही है, वहीं इसके नेतृत्व वाला गठबंधन (एनडीए) 21 राज्यों में सत्ता में है।

विकास कुमार उपाध्याय

नवभारत डिजिटल डेस्क : भारतीय जनता पार्टी ने 6 अप्रैल 1980 को जब अपने वैचारिक मूल्यों के साथ राजनीतिक यात्रा शुरू की थी, तब यह कल्पना करना भी कठिन था कि एक दिन यह पार्टी देश की राजनीतिक दिशा तय करेगी। आज, 2025 में, बीजेपी न केवल सत्ता में है, बल्कि एक वैकल्पिक सोच, नीति और नेतृत्व का प्रतीक बन चुकी है।

1980 में स्थापित यह पार्टी आज देश की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बन चुकी है। बीजेपी फिलहाल 15 राज्यों में अपनी सरकार चला रही है, वहीं इसके नेतृत्व वाला गठबंधन (एनडीए) 21 राज्यों में सत्ता में है। बीजेपी का राजनीतिक सफर केवल सत्ता प्राप्ति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक विचार आधारित आंदोलन रहा है। राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक गौरव और ‘सबका साथ, सबका विकास’ जैसे नारों के साथ पार्टी ने जनता से सीधा जुड़ाव स्थापित किया। 2024 लोकसभा चुनाव में सीटें कम होने के बावजूद बीजेपी ने सिद्ध किया कि जनाधार में उसकी पकड़ अब भी मजबूत है।

असफलता के बावजीद पार्टी ने दिल्ली में नहीं मानी हार

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी की जीत सिर्फ सीटों की संख्या (48/70) नहीं थी, बल्कि वह मनोवैज्ञानिक बाधा भी टूटी जो पिछले 27 वर्षों से पार्टी के सामने थी। राष्ट्रीय राजधानी में लगातार असफल रहने के बावजूद हार नहीं मानने की रणनीति और संगठन की सतत मेहनत रंग लाई। यह जीत दर्शाती है कि बीजेपी हर चुनाव को अंतिम परीक्षा की तरह लड़ती है, जिसमें कोई भी क्षेत्र अब अछूता नहीं रह गया।

विपक्ष की रणनीति पर सवाल

बीजेपी की सफलता केवल अपनी ताकत से नहीं, बल्कि विपक्ष की असंगठित राजनीति से भी उपजी है। जहां एनडीए एकजुट होकर हर मुद्दे पर खड़ा रहा। जैसे वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 के दौरान। वहीं इंडिया गठबंधन विधानसभा चुनावों में कई हिस्सों में बिखर गया। दिल्ली में कांग्रेस और आप का तालमेल न बन पाना इसका उदाहरण है।

कार्यकर्ता केंद्रित संगठनात्मक ढांचा

बीजेपी का सबसे बड़ा बल उसका कैडर-बेस्ड संगठनात्मक ढांचा है। बूथ स्तर से लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व तक, हर कार्यकर्ता की भूमिका स्पष्ट और सक्रिय होती है। इस ढांचे ने बीजेपी को ग्रामीण इलाकों तक पहुंचने और विपक्षी दलों को मात देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

बीजेपी की सफलता सिर्फ मोदी फैक्टर नहीं

बीजेपी की सफलता का आधार केवल नरेंद्र मोदी ही नहीं हैं, बल्कि वह एक कॉम्बिनेशन है, जो कुछ इस प्रकार से है। मजबूत नेतृत्व, जमीनी नेटवर्क, तकनीकी रणनीति, गठबंधन प्रबंधन, और विपक्ष की विफलता। ध्यान देने वाली बात यह है कि मोदी फैक्टर इस पूरी मशीनरी का इंजन है, लेकिन बाकी गियर भी उतने ही अहम हैं।

बीजेपी के पास एक ऐसा संगठन है जो बूथ स्तर तक सक्रिय रहता है। RSS और सहयोगी संगठनों की मदद से पार्टी हर इलाके में पहुंच बना चुकी है। मतदाता सूची, जमीनी रिपोर्टिंग, कार्यकर्ता प्रशिक्षण, ये सब लगातार चलते रहते हैं।

क्या है आगे की राह

बीजेपी अब अपनी नजर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 पर टिकाए बैठी है। वहां भी पार्टी की रणनीति साफ है—स्थानीय नेतृत्व को सशक्त बनाना, गठबंधन को एकजुट रखना और जमीनी मुद्दों पर फोकस करना।

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