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Ram Mandir Donation Case: सुप्रीम कोर्ट ने SIT की स्टेटस रिपोर्ट सार्वजनिक करने से किया इनकार

Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने SIT की स्टेटस रिपोर्ट सार्वजनिक करने वाली याचिका खारिज कर दिया।

अमन मौर्या

Ram Mandir Trust SIT Status Report: अयोध्या के श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की कथित चोरी की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से स्वतंत्र जांच कराने, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन का सीएजी, फॉरेंसिक ऑडिट करने, ट्रस्ट के सभी वित्तीय रिकॉर्ड सुरक्षित रखने, जांच पूरी होने तक उस पर बड़े वित्तीय फैसले लेने से रोक लगाए जाने की मांग की गई है।

SIT की स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में जमा

उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट तैयार है। अब तक के जांच की स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में जमा कर दी है। जांच के लिए बनी एसआईटी के चेयरमैन भी कोर्ट में मौजूद हैं। इस पर याचिकाकर्ताओं की ओर से एसआईटी के जांच की स्टेटस रिपोर्ट की कॉपी दिए जाने की मांग की। इस पर सीजेआई ने कहा कि हम चाहते हैं कि इस मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच हो।

मंदिर में आए डोनेशन को सार्वजनिक करने की मांग

याचिकाकर्ताओं के वकील ने यहां तक कहा कि हमें इस मामले में दर्ज एफआईआर का कंटेंट तक नहीं दिया गया है। एक और याचिकाकर्ता सुधाकर सिंह के वकील सत्यम सिंह राजपूत ने कहा कि अब तक जितना डोनेशन हुआ, उसको सार्वजनिक रूप से पब्लिश किया जाए। इसके अलावा हमने एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट से कुछ रिपोर्ट तैयार कराई है, जो हम कोर्ट के सामने जमा कराएंगे।

निष्पक्ष एसआईटी जांच पर उठाए सवाल

एक याचिकाकर्ता ने सवाल उठाया कि राम मंदिर ट्रस्ट के मौजूदा स्वरूप के चलते एसआईटी की जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती है। जिस पर सीजेआई ने कहा कि एसआईटी पर ट्रस्ट का कोई नियंत्रण नहीं है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सभी निर्देशों का पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आपराधिक मामलों की जांच का ब्यौरा सिर्फ अभियोजक और आरोपी के बीच साझा किया जाता है। अन्य किसी बाहरी के साथ नहीं।

सुप्रीम कोर्ट ने की टिप्पणी

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी का गठन सुप्रीम कोर्ट ने किया है। ऐसे में ये एसआईटी सुप्रीम कोर्ट के प्रति जवाबदेह है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी पक्षकार एसआईटी जांच को लेकर अपने सुझाव तुषार मेहता को दे सकते हैं। सरकार उन पर गंभीरता से विचार करे।

कोर्ट ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने से किया इनकार

याचिकाकर्ताओं ने एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने इस मांग से इनकार करते हुए कहा कि एसआईटी हमारे प्रति जवाबदेह है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पिछले आदेश ने हमने विशेष जांच टीम में फॉरेंसिक ऑडिटर को भी शामिल करने को कहा था। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष तीन हफ्ते में नई रिपोर्ट जमा करने की बात कही।

कोर्ट ने निर्मोही अखाड़ा से कहा कि अपनी याचिका में खामियां दूर करें। इस मामले में उनकी हस्तक्षेप याचिका का मतलब नहीं है। वो अलग याचिका दाखिल कर सकते हैं।

एजेंसी इनपुट के साथ...

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