अतुल सुभाष सुसाइड केस 
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Atul Subhash Suicide Case: पुरुषों के उत्पीड़न और दहेज कानून के दुरुपयोग के खिलाफ SC में दर्ज हुई जनहित याचिका

अतुल सुभाष के इस आत्महत्या के बाद पुरुषों के उत्पीड़न और दहेज कानून के दुरुपयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की गई है।

राहुल गोस्वामी

नई दिल्ली : जहां एक तरफ कर्नाटक के बेंगलुरु में कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले इंजीनियर के परिवार ने उसके लिए न्याय और उसका उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। वहीं अतुल सुभाष के इस आत्महत्या के बाद पुरुषों के उत्पीड़न और दहेज कानून के दुरुपयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका भी दायर की गई है।

वहीं बीते गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी को आत्महत्या के लिए उकसाने के अपराध में दोषी ठहराने के लिए केवल उत्पीड़न पर्याप्त नहीं है और प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उकसाने के स्पष्ट सबूत होने चाहिए। इस बाबत जस्टीस विक्रम नाथ और जस्टीस पी बी वराले की बेंच ने यह टिप्पणी गुजरात हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली अपील पर अपना फैसला सुनाते हुए की, जिसमें एक महिला को कथित रूप से परेशान करने और उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने के लिए उसके पति और उसके दो ससुराल वालों को आरोपमुक्त करने से इनकार कर दिया गया था। हाल ही में 34 वर्षीय इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के मामले के मद्देनजर, इस फैसले में की गई न्यायलय की टिप्पणियां महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

जानकारी दें कि, अतुल सुभाष ने अपनी अलग रह रही पत्नी और उसके परिवार के हाथों उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उनकी पत्नी निकिता सिंघानिया, निकिता की मां निशा, पिता अनुराग और चाचा सुशील के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। शीर्ष अदालत की टिप्पणियां निकिता और उसके परिवार के सदस्यों के लिए मददगार साबित हो सकती हैं।

यह भी बता दें कि, आत्महत्या करने वाले इंजीनियर अतुल सुभाष की सास और साला बृहस्पतिवार को जौनपुर स्थित अपने घर से भाग गए। इस बीच उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा कि कर्नाटक पुलिस से अब तक उनसे संपर्क नहीं किया है। अतुल सुभाष की सास और साला बीते गुरुवार को जौनपुर स्थित अपने घर से भाग गए। इस बीच उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा कि कर्नाटक पुलिस से अब तक उनसे संपर्क नहीं किया है।

वहीं फिलहाल पुलिस को निशा सिंघानिया और अन्य को गिरफ्तार करने, उन्हें घर से बाहर निकलने से रोकने या उन्हें नजरबंद करने का कोई भी आदेश नहीं मिला है। निकिता के रिश्तेदारों के अनुसार, उनका परिवार जौनपुर में रहता है, जबकि निकिता सिंघानिया अपने बेटे के साथ दिल्ली में रहती हैं और वहीं काम करती हैं। उनकी शादी अप्रैल 2019 में सुभाष से हुई थी और 2022 में उन्होंने पति सुभाष और ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज कराई थी। (एजेंसी इनपुट के साथ)

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