

Highlights:
अभिजीत दिपके की दादी का अंतिम संस्कार रोक दिया गया।
अभिजीत की मां ने दिल्ली पुलिस पर मौत की जानकारी न देने का आरोप लगाया।
अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।
Abhijeet Dipke Grandmother Death: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बीच महाराष्ट्र के हिंगोली में शनिवार को सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके की दादी का निधन हो गया था। इस दौरान, अभिजीत दिपके दिल्ली पुलिस की हिरासत में थे, इसलिए वे तुरंत घर वापस नहीं जा सके।
अभिजीत दिपके के इंतजार में उनकी दादी के अंतिम संस्कार को रोके जाने की खबर सामने आई है। महाराष्ट्र के हिंगोली में अभिजीत दिपके की मां, अनीता दिपके ने कहा, "हम उनसे संपर्क नहीं कर पाए हैं। दिल्ली पुलिस झूठ बोल रही है। अगर उन्हें उनकी दादी की मौत की खबर मिलती, तो वे तुरंत आ जाते। हमने उनके लिए अंतिम संस्कार रोक दिया है।"
हालांकि, दिल्ली पुलिस का कहना है कि अभिजीत दिपके को उनके दादी के निधन की खबर दी गई थी। दिल्ली पुलिस ने एक्स पर जानकारी देते हुए एक पोस्ट शेयर किया। इसमें लिखा है कि सोशल मीडिया पर कई जगह यह दावा किया जा रहा है कि अभिजीत दिपके हिरासत में हैं, इसलिए उन्हें अपनी दादी के निधन की जानकारी नहीं दी गई है।
इस संबंध में यह स्पष्ट किया जाता है कि अभिजीत की दादी के निधन की जानकारी उन्हें पूरी संवेदनशीलता के साथ तुरंत दे दी गई थी। उन्हें अंतिम संस्कार के समय के बारे में भी बताया गया और मानवीय आधार पर उनके गृहनगर जाने के लिए हर संभव मदद की पेशकश की गई।
अभिजीत दिपके के पिता, भगवान दिपके ने बताया कि अभिजीत से किसी भी तरह का संपर्क नहीं हो पा रहा है। उनके पिता ने बताया, "हमने उनसे संपर्क करने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सके। दिल्ली पुलिस झूठ बोल रही है। अगर उन्हें अपनी दादी के निधन की खबर मिली होती, तो वे अब तक आ गए होते। उनके दोस्तों ने मुझे बताया कि उन्हें कहीं और भेज दिया गया है। वे दिल्ली में नहीं हैं।"
दिल्ली पुलिस ने साफ-साफ कहा कि अभिजीत दिपके की दादी के निधन और अंतिम संस्कार के समय की दुखद जानकारी तुरंत उन्हें दे दी गई थी। उन्हें मानवीय आधार पर उनके होमटाऊन जाने की यात्रा के लिए भी हर संभव मदद की पेशकश की गई थी।
दिल्ली पुलिस ने CJP नेता अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को प्रिवेंटिव कस्टडी (एहतियाती हिरासत) में ले लिया है। उन्हें आज दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।