Atal Bihari Vajpayee Death Anniversary: भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष, ओजस्वी वक्ता और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर आज पूरा देश उन्हें नमन कर रहा है। 16 अगस्त, 2018 को देश ने अपने इस लाड़ले सपूत को खो दिया था, लेकिन उनके विचार और आदर्श आज भी करोड़ों भारतीयों के दिलों में जीवित हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित देश के कई नेताओं ने उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अटल जी को याद करते हुए उन्हें एक असाधारण राजनेता बताया, जिनका दृष्टिकोण और नेतृत्व आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। पीएम मोदी ने कहा कि अटल जी ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र की सेवा में समर्पित कर दिया। उनके अनुसार, सुशासन (गुड गवर्नेन्स) और सार्वजनिक कल्याण के प्रति अटल जी की प्रतिबद्धता आज भी देश का मार्गदर्शन कर रही है। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि अटल जी के शब्दों और प्रयासों ने न केवल राष्ट्र को मजबूती दी, बल्कि भारत के भविष्य की एक नई रूपरेखा भी तैयार की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अटल जी को एक ऐसे देशभक्त राजनेता के रूप में याद किया जिन्होंने अपने जीवन का एक-एक क्षण देश की सेवा में लगा दिया। शाह ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि एक तरफ अटल जी ने परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध के माध्यम से पूरी दुनिया को भारत की शक्ति का अहसास कराया, तो दूसरी तरफ अंत्योदय और सुशासन की अवधारणा को धरातल पर उतारा। वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें नमन करते हुए कहा कि अटल जी ने 'राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम' की भावना के साथ भारतीय लोकतंत्र को समृद्ध किया और उनके नेतृत्व में भारत ने सामरिक शक्ति तथा आर्थिक विकास के नए आयाम छुए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अटल जी को लोकतांत्रिक मूल्यों और आदर्श राजनीति का शिखर पुरुष बताया। उन्होंने कहा कि अटल जी ने राजनीति में नैतिकता और शुचिता के जो उच्च मानक स्थापित किए, वे विकसित भारत के निर्माण के लिए आज भी प्रेरणास्रोत हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें राष्ट्रवादी चिंतक और प्रख्यात कवि कहा, जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अटल जी की प्रसिद्ध पंक्तियों 'यह चंदन की भूमि है, अभिनंदन की भूमि है' के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी। बिहार के सम्राट चौधरी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी उन्हें करोड़ों कार्यकर्ताओं का पथ-प्रदर्शक बताते हुए उनके विराट व्यक्तित्व को नमन किया।
अटल बिहारी वाजपेयी ने तीन बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया, पहली बार 1996 में, फिर 1998-1999 और अंत में 1999 से 2004 तक अपना पूर्ण कार्यकाल पूरा किया। उन्हें 2015 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया था। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उनके साहसिक निर्णयों, विशेषकर पोखरण परमाणु परीक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि उनका प्रत्येक कदम राष्ट्रहित को समर्पित था। आज उनकी पुण्यतिथि पर देश के विभिन्न हिस्सों में प्रतिमाओं का अनावरण और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जा रही हैं, जो यह सिद्ध करती हैं कि अटल जी आज भी देश के वैचारिक नायक बने हुए हैं।