सांकेतिक फोटो (सोर्स-AI) 
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खतरे के निशान से ऊपर बह रही ब्रह्मपुत्र, 856 गांव जलमग्न; राहत शिविरों में लाखों लोग

Assam Flood: देश में मॉनसून के कहर से असम और गुजरात में तबाही मची है। असम में बाढ़ से अब तक 62 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि गुजरात में 31 लोगों की जान गई है। लाखों लोग प्रभावित हैं।

अनन्या तिवारी

Assam State Disaster Management Authority ASDMA Flood Report: देश के कई हिस्सों में इस समय मॉनसून अपनी पूरी तीव्रता पर है, लेकिन असम और गुजरात के लिए यह आफत बनकर बरसा है। इन दोनों राज्यों में भारी बारिश और विनाशकारी बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 62 हो गई है, जबकि गुजरात में भी 31 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। लाखों लोग बेघर हो गए हैं और प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है।

असम में बाढ़ का भयावह रूप

असम में स्थिति हर बीतते घंटे के साथ गंभीर होती जा रही है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में ही 14 लोगों की जान चली गई है, जिससे कुल मृतकों का आंकड़ा 62 तक पहुंच गया है। मरने वालों में सबसे अधिक 7 लोग चराइदेव जिले के थे, जबकि शिवसागर में 6 और जोरहाट में 1 व्यक्ति की मौत हुई है।

राज्य के 12 जिले इस समय पूरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें गोलाघाट, डिब्रूगढ़, होजाई, नगांव, बिस्वनाथ, और कामरूप महानगर जैसे जिले शामिल हैं। सबसे खराब स्थिति शिवसागर की है, जहां अकेले 3.48 लाख लोग प्रभावित हैं। इसके बाद चराइदेव (1.88 लाख) और जोरहाट (1.26 लाख) का नंबर आता है। कुल मिलाकर, राज्य के 856 गांव और 37 राजस्व सर्किल पानी में डूबे हुए हैं।

ब्रह्मपुत्र का उफान और खेती को भारी नुकसान

असम की जीवनरेखा कही जाने वाली ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी सहायक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि पड़ोसी राज्य नागालैंड में बादल फटने की घटना ने असम की स्थिति को और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

बाढ़ ने न केवल इंसानों को, बल्कि खेती और बेजुबान पशुओं को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। लगभग 56,606 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में समा गई है, जिससे किसानों की मेहनत बर्बाद हो गई है। पिछले 24 घंटों में 17,000 से अधिक पशु बह गए हैं और कुल 3.34 लाख पशुधन इस आपदा से प्रभावित हुए हैं।

राहत शिविरों में लाखों लोगों ने ली शरण

बाढ़ प्रभावित इलाकों में सेना, NDRF और SDRF की टीमें युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। शुक्रवार को करीब 1,000 लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया। वर्तमान में, लगभग 3.15 लाख लोग 363 राहत शिविरों और सहायता केंद्रों में रहने को मजबूर हैं। प्रशासन प्रभावितों तक भोजन और दवाइयां पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।

गुजरात में भी तबाही के निशान

गुजरात में भी कुदरत का कहर कम नहीं है। राज्य में अब तक 31 मौतें दर्ज की गई हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 15 मौतें नवसारी में हुई हैं। दक्षिण गुजरात के वलसाड और नवसारी जिलों में सात फीट तक पानी भर गया था। बाढ़ के कारण यातायात पर भी बुरा असर पड़ा है; 50 से अधिक ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और 25 ट्रेनों को बीच में ही रोकना पड़ा है। अब तक करीब 38,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है।

मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों के लिए दोनों राज्यों में सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है, क्योंकि नदियों का जलस्तर अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है।

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