Assam Government Financial Aid For Flood Affected Families: असम में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 78 हो गया है। बुधवार को शिवसागर और गोलाघाट जिलों में तीन और लोगों की जान चली गई, जिससे स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। वर्तमान में राज्य के सात जिलों में 3 लाख से अधिक लोग इस आपदा की चपेट में हैं।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की रिपोर्ट के अनुसार, शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहट, नगांव, विश्वनाथ और कामरूप महानगर जिले बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इनमें चराइदेव जिला सबसे अधिक प्रभावित है, जहाँ 1,37,561 लोग मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। इसके बाद शिवसागर (84,600) और जोरहट (49,911) का नंबर आता है। बाढ़ का पानी अब भी 551 गांवों और लगभग 21,523 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को अपनी चपेट में लिए हुए है।
राहत की उम्मीद कर रहे लोगों के लिए मौसम विभाग (IMD) की खबर डराने वाली है। विभाग ने 30 जुलाई से 1 अगस्त तक असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के अलग-अलग हिस्सों में गरज के साथ भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। तिनसुकिया जिले के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस बारिश से जलभराव, अचानक बाढ़ और संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
बाढ़ ने न केवल इंसानी जिंदगियों को प्रभावित किया है, बल्कि राज्य के बुनियादी ढांचे को भी तहस-नहस कर दिया है। सड़कों, तटबंधों, स्कूलों और सार्वजनिक संपत्तियों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुँचा है। बेजुबान जानवरों पर भी यह आपदा भारी पड़ी है; रिपोर्ट के अनुसार 11,000 से अधिक जानवर बाढ़ में बह गए हैं और 17,000 से ज्यादा मवेशी प्रभावित हुए हैं।
सिर्फ ग्रामीण इलाके ही नहीं, बल्कि कामरूप महानगर जिले के तहत आने वाला गुवाहाटी शहर भी शहरी बाढ़ से जूझ रहा है। शहर के 10 से अधिक इलाके, जिनमें अनिल नगर, नबीन नगर, ज़ू रोड और हाथीगांव शामिल हैं, जलभराव की समस्या का सामना कर रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इन शहरी इलाकों में किसी आबादी के सीधे तौर पर प्रभावित होने की सूचना नहीं है, लेकिन जनजीवन अस्त-व्यस्त है।
हालात का जायजा लेने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बात की और केंद्र की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि प्रभावित परिवारों को घर की सफाई और आवश्यक जरूरतों के लिए 15,000 रुपये की तत्काल सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, प्रभावित नागरिकों के ऋणों के लिए विशेष सहायता उपायों पर चर्चा करने हेतु बैंकों के साथ बैठक भी बुलाई गई है।
दूसरी ओर, सेना प्रमुख जनरल धीराज सेठ ने भी पूर्वी कमान का दौरा कर बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की और नागरिक प्रशासन की मदद कर रहे सैनिकों की सराहना की। वर्तमान में 16,500 से अधिक लोग 71 राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं, जबकि हजारों अन्य लोगों को राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से मदद पहुँचाई जा रही है।