Air India Express Free Cargo Helpline For Assam: असम इस समय अपनी सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के उफान ने लाखों जिंदगियों को संकट में डाल दिया है। कुदरत के इस कहर के बीच जहां चारों तरफ तबाही का मंजर है, वहीं इंसानियत की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। एअर इंडिया एक्सप्रेस ने असम के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए अपने हाथ आगे बढ़ाए हैं और राहत सामग्री पर लगने वाले कार्गो शुल्क को पूरी तरह माफ करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
अक्सर देखा जाता है कि आपदा के समय लोग मदद तो करना चाहते हैं, लेकिन भारी-भरकम ट्रांसपोर्टेशन और कार्गो शुल्क के कारण राहत सामग्री भेजने में देरी हो जाती है। एअर इंडिया एक्सप्रेस की इस पहल का सीधा मकसद यही है कि असम के प्रभावित इलाकों में काम कर रही संस्थाओं तक जल्द से जल्द और बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के मदद पहुँचाई जा सके। इस कदम से न केवल राहत कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि अधिक से अधिक सामग्री पीड़ितों तक पहुँच सकेगी।
एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि इस विशेष छूट का लाभ पंजीकृत गैर-सरकारी संगठन और सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त राहत एजेंसियां उठा सकेंगी। जो भी संस्थाएं असम में जमीनी स्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं, वे एयरलाइन के व्यापक नेटवर्क का उपयोग करके जरूरी सामान गुवाहाटी तक बिल्कुल मुफ्त पहुँचा सकती हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में इस समय बुनियादी जरूरतों का भारी अभाव है। एअर इंडिया एक्सप्रेस की इस सुविधा के तहत निम्नलिखित जीवनरक्षक और आवश्यक सामग्री भेजी जा सकती है:
राहत सामग्री को असम तक पहुँचाने के लिए एयरलाइन ने देश के तीन बड़े महानगरों को मुख्य केंद्र बनाया है। राहत एजेंसियां दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता से गुवाहाटी तक सामान भिजवा सकती हैं। वर्तमान में एयरलाइन का शेड्यूल इस प्रकार है:
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अगर आपकी संस्था या कोई रजिस्टर्ड NGO असम बाढ़ पीड़ितों के लिए सामान भिजवाना चाहता है, तो वे सीधे एअर इंडिया एक्सप्रेस की समर्पित टीम से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए संस्थाओं को अपने संगठन का विवरण और भेजी जाने वाली सामग्री का ब्योरा देना होगा।
ईमेल: relief@airindiaexpress.com
फोन/व्हाट्सएप: +91 7982118680
असम में आई इस आपदा में अब तक 62 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। ऐसे समय में कॉर्पोरेट जगत का यह कदम न केवल सराहनीय है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि संकट की इस घड़ी में पूरा देश असम के साथ खड़ा है।