Amit Shah Launch Land Port Management System: देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार (09 जून) को लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (LPMS) लॉन्च करेंगे। यह एक आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे भारत के लैंड पोर्ट्स के संचालन को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने के लिए तैयार किया गया है।
सरकार के मुताबिक, LPMS के जरिए लॉजिस्टिक्स और नियामकीय जानकारी का सुरक्षित और रियल-टाइम आदान-प्रदान संभव होगा। इससे लैंड पोर्ट्स भी एयरपोर्ट और सीपोर्ट की तरह आधुनिक डिजिटल सुविधाओं से लैस हो जाएंगे। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्मार्ट बॉर्डर मैनेजमेंट के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस नई प्रणाली का मकसद सीमा-पार व्यापार और यात्रियों की आवाजाही को आसान, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। LPMS में स्लॉट बुकिंग, ऑनलाइन भुगतान, ट्रैकिंग और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे माल और यात्रियों की प्रक्रिया तेज होगी तथा समय की बचत होगी। गृह मंत्री अमित शाह इस मौके पर मेघालय के डाकी और त्रिपुरा के श्रीमंतपुर लैंड पोर्ट्स में नई आवासीय सुविधाओं का भी उद्घाटन करेंगे। इन सुविधाओं से सुरक्षा बलों के जवानों और अन्य संबंधित कर्मचारियों को बेहतर रहने और काम करने की व्यवस्था मिलेगी।
LPMS को इंडियन कस्टम्स इलेक्ट्रॉनिक डेटा इंटरचेंज गेटवे (ICEGATE), यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (ULIP) और मोटर व्हीकल इकोसिस्टम जैसे राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। इससे विभिन्न सरकारी एजेंसियों और निजी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय होगा, काम में देरी कम होगी और कार्यक्षमता बढ़ेगी।
सरकार का कहना है कि यह प्रणाली व्यापार को बढ़ावा देने, कनेक्टिविटी मजबूत करने और राष्ट्रीय सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद करेगी। साथ ही यह साल 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यह भी पढ़ें- Visakhapatnam में दर्दनाक हादसा: मजदूरों पर गिरा पिघला हुआ स्टील; 8 लोगों की मौत, कई अन्य झुलसे
लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPAI), जो गृह मंत्रालय के बॉर्डर मैनेजमेंट विभाग के अंतर्गत काम करती है, देश के लैंड पोर्ट्स के विकास और संचालन की जिम्मेदारी संभालती है। फिलहाल LPAI भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर स्थित 15 लैंड पोर्ट्स का संचालन कर रही है। ये पोर्ट्स पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और म्यांमार की सीमाओं पर स्थित हैं और व्यापार, यात्रा तथा क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।