अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद के पास हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। हादसे के तुरंत बाद भारतीय सेना ने मोर्चा संभाल लिया है और करीब 130 सैनिकों की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं। हादसे की गंभीरता को देखते हुए सेना ने न केवल इंजीनियरिंग और मेडिकल टीमें तैनात की हैं, बल्कि त्वरित कार्रवाई बल, अग्निशमन दस्ते और साइट प्रबंधन के लिए विशेषज्ञ स्टाफ भी मैदान में उतारे हैं। मलबे के बीच फंसे लोगों की तलाश और घायलों की जान बचाने में सेना का योगदान एक बार फिर मानवता की मिसाल बन गया है।
सेना की ओर से भेजी गई टीमें आधुनिक संसाधनों से लैस हैं, जिनमें जेसीबी मशीनों से लेकर फायरफाइटिंग उपकरण और चिकित्सा सहायता के लिए डॉक्टर-पैरा मेडिकल स्टाफ शामिल हैं। सेना के इंजीनियरिंग विभाग ने मलबा हटाने का काम तेज़ कर दिया है, जबकि मेडिकल टीम घायलों की देखरेख में जुटी है। स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर सेना पूरे हादसा स्थल को नियंत्रित रूप से संभाल रही है। वहीं, सैन्य अस्पताल को भी किसी आपात स्थिति के लिए तैयार रखा गया है।
130 सैनिकों की टीम तैनात हादसे के तुरंत बाद भारतीय सेना ने करीब 130 सैनिकों को राहत कार्य में लगाया है। इन सभी को विशेष HADR (ह्यूमेनिटेरियन असिस्टेंस एंड डिजास्टर रिलीफ) ऑपरेशन के तहत तैयार किया गया है। बता दें कि सेना की इंजीनियरिंग यूनिट ने जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है ताकि फंसे लोगों को जल्द से जल्द निकाला जा सके।
मेडिकल स्टाफ की मुस्तैदी
घायलों की जान बचाने के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिक्स की विशेष टीम घटनास्थल पर लगातार काम कर रही है। प्राथमिक इलाज से लेकर गंभीर घायलों की देखभाल तक हर संभव प्रयास किया जा रहा है। फायरफाइटिंग और साइट मैनेजमेंट जिम्मा भी सेना के पास मौजूद अग्निशमन संसाधन से जैसे पानी के बाउजर और फायर एक्सटिंग्विशर आग पर काबू पाने में मदद कर रहे हैं। वहीं, प्रोवोस्ट स्टाफ द्वारा पूरे क्षेत्र का सुरक्षा और व्यवस्थापन किया जा रहा है।
सैन्य अस्पताल अलर्ट पर
अहमदाबाद में स्थिति सेना का अस्पताल भी पूरी तरह स्टैंडबाय मोड पर रखा गया है, ताकि गंभीर रूप से घायल यात्रियों को तुरंत वहां भर्ती कराया जा सके। मामले की भयावता बहुत ही खतरनाक है खबर के मुताबि इस में सभी 242 लोगों की मौत की पुष्टि होने की सूचना सामने आ रही है।