केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान (फोटो- सोशल मीडिया) 
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किसानों पर फिर से कानून बनाने जा रही सरकार? बजट सत्र में आएगा बिल, शिवराज सिंह ने किया बड़ा एलान

Agricultural Law: किसानों को नकली खाद, बीज और कीटनाशकों से ठगने वालों के खिलाफ सरकार अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र में इसका ऐलान किया।

सौरभ शर्मा

Agriculture Minister Shivraj Singh Chouhan in Maharashtra: किसानों को नकली खाद, बीज और कीटनाशकों से ठगने वालों के खिलाफ सरकार अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र में इसका ऐलान किया। उन्होंने इस पर संकेंत देते हुए साफ कहा कि किसानों को ठगने वालों की अब खैर नहीं होगी। सरकार इस मामले पर इतनी गंभीर है कि आगामी बजट सत्र में ही इसके खिलाफ एक सख्त बिल लाया जा सकता है, जिसमें दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान होगा।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बातें महाराष्ट्र के बीड जिले में ग्लोबल विकास ट्रस्ट (जीवीटी) कृषिकुल सिरसला में 20 हजार किसानों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना ही असली लक्ष्य है और उनका संकल्प है कि कोई भी किसान मजबूरी में आत्महत्या का मार्ग ना चुने। उन्होंने किसानों को अन्नदाता और जीवनदाता बताते हुए नकली इनपुट बेचने वालों पर नकेल कसने की बात कही।

फसल बर्बाद? मिला पाई-पाई का भरोसा

श्री चौहान ने इस साल अत्यधिक बारिश से हुई फसलों की बर्बादी पर भी बात की। उन्होंने किसान भाई-बहनों को आश्वस्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर क्षतिग्रस्त इलाकों के किसानों की मदद करेगी और इस संकट से उन्हें बाहर निकालेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तात्कालिक मुआवजा देगी, साथ ही केंद्र से भी एनडीआरएफ फंड के तहत सहायता राशि दी जाएगी। यदि राज्य सरकार विशेष राहत पैकेज की मांग करती है, तो उसे भी पूरा किया जाएगा। उन्होंने दिल्ली में बीमा कंपनियों के साथ हुई बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि फसल बीमा योजना का पाई-पाई पैसा किसानों को मिले, यह सुनिश्चित किया जाएगा।

खेती का पैटर्न बदलें, बिचौलियों को हटाएं

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से परंपरागत खेती के अलावा फल, फूल, सब्जियों और कृषि वानिकी अपनाने का भी आह्वान किया। उन्होंने धरती की घटती उत्पादकता पर चिंता जताते हुए गौ-आधारित और प्राकृतिक खेती के महत्व पर जोर दिया। बिचौलियों की भूमिका पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए दो उपाय हैं- पहला कि पूरा गांव क्लस्टर के रूप में काम करे ताकि व्यापारी सीधे खरीद सकें और दूसरा, गांव स्तर पर ही प्रोसेसिंग का काम हो। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण के लिए वह केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री चिराग पासवान के साथ मिलकर काम करेंगे। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए नई किस्म के बीज विकसित करने की भी बात कही।

सम्मेलन में श्री चौहान ने जल संचय, एकीकृत खेती (मधुमक्खी पालन, मत्स्य पालन), और उर्वरक सब्सिडी को सीधे किसानों के खाते में हस्तांतरित करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का जिक्र करते हुए कहा कि महाराष्ट्र को 30 लाख मकान दिए जा चुके हैं और नए सर्वे के बाद पात्र लोगों को और मकान दिए जाएंगे। अंत में उन्होंने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर सभी को बधाई दी।

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