Weather Forecast: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 13 मई के लिए एक नई और गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, अगले 12 घंटों के भीतर 11 राज्यों में भारी बारिश और भीषण आंधी आने की संभावना है। इस दौरान हवाओं की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन और फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने पूर्वी भारत के राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना जताई है। उत्तर प्रदेश के मेरठ, आगरा, मथुरा, कानपुर और लखनऊ सहित कई जिलों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट है। लखनऊ में आज अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।
बिहार के पटना, गया और चंपारण सहित 15 जिलों में 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है, जहाँं 50 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी चल सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खराब मौसम के दौरान खेतों में जाने से बचें और अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं।
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में आज 13 मई को बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है। दिल्ली में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, जबकि अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक जाने का अनुमान है। पंजाब के अमृतसर, लुधियाना और चंडीगढ़ जैसे शहरों में भी 50 से 60 किमी/घंटा की स्पीड से हवाएं चलने और तेज बारिश होने की संभावना है।
पहाड़ों पर भी मौसम का मिजाज काफी सख्त रहने वाला है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू और मनाली में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। मनाली में आज न्यूनतम तापमान गिरकर 1 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है। उत्तराखंड के नैनीताल, देहरादून और चमोली जैसे जिलों में भी आंधी-बारिश की चेतावनी है। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बारिश के चलते तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की कमी देखने को मिल सकती है।
जहाँ उत्तर और पूर्वी भारत में बारिश का अलर्ट है, वहीं मध्य प्रदेश के भोपाल, उज्जैन और विदिशा जैसे जिलों में भीषण गर्मी और लू चलने की चेतावनी दी गई है। भोपाल में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। राजस्थान के जयपुर में आज पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है, हालांकि राज्य के हनुमानगढ़ और झुंझुनू जैसे कुछ जिलों में बारिश का येलो अलर्ट भी जारी है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस मौसमी बदलाव का मुख्य कारण पश्चिमी राजस्थान और दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के निचले क्षोभमंडलीय स्तरों में मौजूद चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulation) है। इन हवाओं के दबाव के कारण ही मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में नमी और तूफान की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम विभाग के अपडेट्स पर नजर रखें और आंधी के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।