नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। राष्ट्रीय राजधानी यानी दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती और अगले एक हफ्ते में उन्हें गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) से बाहर निकाले जाने की संभावना जताई जा रही है। इस बाबत अस्पताल ने मंगलवार को एक बड़ी जानकारी मीडिया के साथ साझा की है।
भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री और भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी 12 दिसंबर से चिकित्सा प्रबंधन और जांच के लिए आईसीयू में डॉ. विनीत सूरी की निगरानी में हैं। आडवाणी उम्र संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इसी साल अगस्त में आडवाणी को नियमित जांच के लिए इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
आपको बता दें कि आडवाणी की तबीयत लंबे समय से नासाज चल रही है। उन्हें 3 जुलाई को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और कुछ देर रहने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। इस साल की शुरुआत में उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां रात भर निगरानी के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। इसके बाद इस हफ्ते एक बार उनकी तबीयत खराब हुई थी।
अस्पताल की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, "भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री श्री लालकृष्ण आडवाणी जी 12 दिसंबर से इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के आईसीयू में डॉ. विनीत सूरी की देखरेख में हैं। उनकी चिकित्सा स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। अगले 1-2 दिनों के भीतर उन्हें आईसीयू से बाहर निकाले जाने की संभावना है।"
इसी साल मार्च में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया था। 8 नवंबर 1927 को कराची (वर्तमान पाकिस्तान) में जन्मे आडवाणी 1942 में स्वयंसेवक के तौर पर आरएसएस से जुड़े थे। वह 1986 से 1990, 1993 से 1998 और 2004 से 2005 तक भाजपा अध्यक्ष रहे। आडवाणी 2002 से 2004 तक देश के उप प्रधानमंत्री भी रहे। जबकि 1998 से 2004 तक वह देश के गृह मंत्री भी रहे।