हरियाणा विधानसभा (IANS) 
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हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, प्रमोशन के खुले नए रास्ते, विधानसभा में नया बिल हुआ पास

Haryana Assembly Session: हरियाणा विधानसभा में लिपिकीय सेवा विधेयक 2026 पारित हो गया है। सीएम नायब सैनी ने बड़ा फैसला सुनाते हुए ग्रुप डी कर्मचारियों का प्रमोशन अब बढ़ा दिया है।

प्रिया जैस

Government Jobs Haryana: हरियाणा सरकार ने सोमवार को विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया। इस सत्र के दौरान मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की अनुपस्थिति में हरियाणा लिपिकीय सेवा (भर्ती और सेवा शर्तें) विधेयक, 2026 पारित किया गया। यह विधेयक कर्मचारियों के हित में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सदन में यह विधेयक खुद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रस्तुत किया था।

सीएम नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में सरकारी कर्मचारियों के लिए इस विधेयक के फायदे गिनाए। सीएम सैनी ने सदन में बोलते हुए कहा कि इस विधेयक से ग्रुप डी (श्रेणी-4) कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया सरल, तेज और अधिक पारदर्शी हो जाएगी।

श्रेणी-4 कर्मचारियों को समान पदोन्नति का अवसर

सीएम सैनी ने बताया कि 2018 में हरियाणा ग्रुप डी कर्मचारी (भर्ती एवं सेवा शर्तें) अधिनियम, 2018 के माध्यम से ग्रुप डी कर्मचारियों के लिए एक समान कैडर प्रणाली लागू की गई थी, जिससे क्षेत्रीय कैडर में श्रेणी-4 कर्मचारियों को समान पदोन्नति के अवसर प्राप्त हुए थे।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पहले सीमित पदों के कारण केवल कुछ ही कर्मचारियों को पदोन्नति मिल पाती थी। इसके साथ ही, अतिरिक्त विभागों के भीतर भी पदोन्नति के अवसर सीमित थे, जिससे कर्मचारियों के करियर विकास में बाधा उत्पन्न होती थी। उन्होंने कहा कि नए विधेयक के तहत ग्रुप डी कर्मचारियों के लिए लिपिकीय पदों पर पदोन्नति कोटा 20% से बढ़ाकर 30% कर दिया गया है, जिससे ज्यादा-से-ज्यादा संख्या में कर्मचारियों को पदोन्नति मिलेगा।

कर्मचारियों को नहीं करना होगा 15 साल इंतजार

सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि पहले कई विभागों में कर्मचारियों को पदोन्नति के लिए 10 से 15 साल तक इंतजार करना पड़ता था। सामान्य कैडर प्रणाली की शुरुआत, पदोन्नति कोटा में वृद्धि और सेवा अवधि की आवश्यकताओं में कमी के साथ, पदोन्नति प्रक्रिया अब तेज और अधिक समयबद्ध होगी, जिससे अधिक संख्या में कर्मचारियों को लाभ होगा।

उन्होंने सदन में विश्वास जताया कि यह विधेयक कर्मचारियों के हितों की रक्षा करेगा और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करेगा। अगर इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष सदन में उपस्थित होता तो राज्य कर्मचारियों के हित में बड़े पैमाने पर सहमति प्राप्त की जा सकती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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