अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल (सोर्स- गुजरात सरकार)
गुजरात

गुजरात एनर्जी लिमिटेड ने बनाया रिकॉर्ड, राज्य सरकार को एक साल में दिया ₹384.67 करोड़ का डिविडेंड

Gujarat Energy Limited: गुजरात ऊर्जा लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार को ₹384.67 करोड़ का रिकॉर्ड लाभांश दिया, जिससे राज्य के राजस्व और विकास योजनाओं को नई गति मिली।

मनोज आर्या

Highlights:

  • GEL और GSPL ट्रांसमिशन लिमिटेड ने राज्य सरकार को ₹384.67 करोड़ का रिकॉर्ड लाभांश सौंपा।

  • 'स्कीम ऑफ अरेंजमेंट' लागू होने के बाद अकेले GEL ने ₹324 करोड़ का लाभांश दिया।

  • 1 मई 2026 को लागू हुई नई व्यवस्था के तहत GSPC का गुजरात गैस में विलय (नया नाम GEL) हुआ ।

Gujarat Energy Limited Sets a New Financial Record: गुजरात ऊर्जा लिमिटेड (जीईएल) और जीएसपीएल ट्रांसमिशन लिमिटेड (जीटीएल) ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए राज्य सरकार को कुल 384.67 करोड़ रुपये का लाभां देकर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। यह किसी भी राज्य संचालित कंपनी द्वारा एक वित्तीय वर्ष में सरकार को दिया गया अब तक का सबसे अधिक प्रॉफिट है।

गांधीनगर में आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम के दौरान गुजरात ऊर्जा लिमिटेड की प्रबंध निदेशक और जीटीएल की उपाध्यक्ष अवंतिका सिंह ने लाभांश राशि के चेक मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को सौंपे।

कार्यक्रम में कई मंत्री और अधिकारी मौजूद

इस अवसर पर ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल्स मंत्री ऋषिकेश पटेल, राज्य मंत्री कौशिक वेकारिया, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मुख्य सलाहकार डॉ. हसमुख अधिया, मुख्य सचिव एवं जीईएल व जीटीएल के अध्यक्ष मनोज कुमार दास, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. टी. नटराजन, ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल्स विभाग के प्रमुख सचिव अश्विनी कुमार और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव संजीव कुमार भी उपस्थित थे।

मंत्रियों और अधिकारियों के साथ सीएम भूपेंद्र पटेल

कुल लाभांश में गुजरात ऊर्जा लिमिटेड का योगदान 324 करोड़ रुपये तथा जीएसपीएल ट्रांसमिशन लिमिटेड का योगदान 60.67 करोड़ रुपये रहा है। इस वित्तीय योगदान से न केवल राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि विभिन्न विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को भी नई गति मिलेगी।

दोनों कंपनियों के लिए ऐतिहासिक क्षण

मुख्य सचिव मनोज कुमार दास ने इसे दोनों कंपनियों के इतिहास का एक ऐतिहासिक क्षण बताया। वहीं, प्रबंध निदेशक अवंतिका सिंह ने कहा कि पुरानी कॉरपोरेट संरचना की सीमाओं के कारण कंपनियों की लाभांश देने की क्षमता सीमित थी, लेकिन नई व्यवस्था (स्कीम ऑफ अरेंजमेंट) ने कंपनियों की वास्तविक वित्तीय क्षमता को अनलॉक किया है।

इस योजना को जीएसपीसी समूह के तहत राज्य सरकार, शेयरधारकों और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय की मंजूरी के बाद 1 मई 2026 को गुजरात गौरव दिवस के अवसर पर लागू किया गया था। इसके तहत गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (जीएसपीसी) का गुजरात गैस लिमिटेड में विलय कर उसका नाम 'गुजरात ऊर्जा लिमिटेड' कर दिया गया।

जीईएल में बढ़ी राज्य सरकार की हिस्सेदारी

वहीं, गुजरात स्टेट पेट्रोनेट लिमिटेड (जीएसपीएल) के गैस ट्रांसमिशन कारोबार को 'जीएसपीएल ट्रांसमिशन लिमिटेड' के रूप में पुनर्गठित किया गया। इस नई व्यवस्था के बाद राज्य सरकार की गुजरात गैस (अब जीईएल) में हिस्सेदारी 6% से बढ़कर लगभग 38% हो गई। इसके अलावा, जीटीएल में भी सरकार की हिस्सेदारी शून्य से बढ़कर 38% हो गई है।

संरचनात्मक बदलाव का असर आंकड़ों में स्पष्ट दिखता है। वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2024-25 के तीन वर्षों के दौरान गुजरात गैस लिमिटेड ने राज्य सरकार को कुल ₹81.55 करोड़ का लाभांश दिया था।

इसके विपरीत, नई व्यवस्था लागू होने के बाद अकेले वित्तीय वर्ष 2025-26 में गुजरात ऊर्जा लिमिटेड ने ₹324 करोड़ का लाभांश दिया है, जो पिछले तीन वर्षों की कुल राशि से लगभग चार गुना अधिक है।

Delhi Protest Live: राहुल गांधी पहुंचे इंडिया गेट, धरने पर बैठे अंकिता भंडारी के परिवार से की मुलाकात

OBC आयोग की रिपोर्ट का इंतजार किए बिना हो पंचायत चुनाव, हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार के पास क्या विकल्प?

इंडिया गेट पहुंचे राहुल गांधी, धरने पर बैठे अंकिता भंडारी के परिवार से कर रहे मुलाकात

अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, 16 अक्टूबर को दिल्ली में फिर जुटेंगे कॉकरोच; CP में फहराएंगे तिरंगा

तिरंगा लहराना कब से अपराध हुआ? CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर भड़के आदित्य ठाकरे, केंद्र सरकार पर बोला तीखा हमला