

Petrol Price Cut India: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच आस्थायी संघर्ष विराम पर समझौते के बाद होर्मुज का संकट टल गया है। समझौते के बाद भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद लगाई जा रही है। इस बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने बड़ा बयान दिया है। पुरी ने कहा कि यदि अगले दो से तीन महीने तक गिरावट जारी रही तो कीमतों में कमी आ सकती है।
देश में पेट्रोलियम कीमतों में बढ़ोत्तरी पर उन्होंने कहा कि ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण पूरी दुनिया में पेट्रोल की कीमतों में लगभग 35 फीसदी तक बढ़ोत्तरी हुई। वहीं, भारत में महज 5.58 फीसदी की ही बढ़ोतरी हुई है।
भारत में स्टोरेज क्षमता के सवाल पर मंत्री ने कहा कि मैं लोगों को हमेशा कहता रहा हूं कि भारत जैसा देश अपने आप में अनोखा है। आप हमारी क्षमता को मात्र स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व में मौजूद भंडार के आधार पर नहीं माप सकते।
पेट्रोल के दामों को लेकर मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि मैंने जून 2022 से जून 2026 तक की पेट्रोल की कीमतों को देखा, चार साल पहले दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 96.72 रूपये थी और जून 2026 में यह 100.2 रूपये थी, 4 साल में पेट्रोल की कीमतें केवल 5.58% बढ़ी और डीजल की 6.23 % बढ़ी। मेरा यह कहना है कि कीमतें कभी बढ़ी ही नहीं, उपभोक्ताओं के लिए कभी भी कीमतें नहीं बढ़ी।
आगे उन्होंने बताया कि सरकार ने नवंबर 2021, मई 2022, 10 मार्च 2026 में एक्साइज ड्यूटी कम की है। पेट्रोल- डीजल पर 10-10 रूपये उपभोक्ताओं के लिए नहीं बल्कि बजट के लिए बढ़े हैं, फिसकल सिस्टम इसका वहन करेगा।
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने को लेकर गलत चिंताएं हैं। अन्य देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी पर उन्होंने कहा कि पिछले चार महीनों में पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी इस प्रकार रही।
फ्रांस में 17.74%, जर्मनी में 19.05% और इटली में 18.39%। वहीं, हमारे पड़ोस की बात करें तो पाकिस्तान में 39.77%, श्रीलंका में 36.66%, नेपाल में 20.3% और बांग्लादेश में 42.69% तक की बढ़ोत्तरी देखी गई।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश की रिफाइनरीज पर बात करते हुए कहा के मैंने कल इस मंत्रालय और पब्लिक सेक्टर यूनिट्स से जुड़े हमारे कैपिटल एक्सपेंडिचर की समीक्षा की। हमारे पास कई प्रोजेक्ट्स हैं जो एडवांस स्टेज में हैं, जिनमें रिफाइनरियां भी शामिल हैं। ये अगले 6 से 12 महीनों में लागू हो जाएंगे और इससे हमारी रिफाइनिंग क्षमता 300 मिलियन मीट्रिक टन सालाना हो जाएगी। यह एक उल्लेखनीय और शानदार आंकड़ा है।