जॉम्बी अटैक के बीच आर्मी ऑफिसर बनीं सोनम, ऋषभ चड्ढा ने खोले राज 
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Zombie Horror Comedy: जॉम्बी अटैक के बीच आर्मी ऑफिसर बनीं सोनम, ऋषभ चड्ढा ने खोले राज

Zor Film Release Date: हिंदी सिनेमा में हॉरर-कॉमेडी का दायरा बढ़ाते हुए ऋषभ चड्ढा और सोनम की फिल्म ‘जोर’ 16 जनवरी 2026 को रिलीज होगी। यह जॉम्बी आधारित फिल्म डर और हास्य का अनोखा मेल पेश करेगी।

सोनाली झा

Sonam Army Officer Movie: हिंदी सिनेमा में हॉरर-कॉमेडी का क्रेज़ लगातार बढ़ता जा रहा है और अब इसी कड़ी में अभिनेता ऋषभ चड्ढा और अभिनेत्री सोनम अपनी आने वाली फिल्म ‘जोर’ के साथ दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार हैं। फिल्म एक जॉम्बी आधारित हॉरर-कॉमेडी है, जो डर और हंसी का अनोखा मिश्रण पेश करेगी। यह फिल्म 16 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

फिल्म में सोनम पहली बार एक आर्मी ऑफिसर की भूमिका निभाती नजर आएंगी। अपने किरदार के बारे में बात करते हुए सोनम ने बताया कि यह रोल उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि कहानी में जब देश में जॉम्बी जैसे खतरनाक प्राणी के आने की खबर मिलती है, तो डर का माहौल बनता है, लेकिन एक सैनिक होने के नाते उनका किरदार घबराने की बजाय हालात को संभालने पर फोकस करता है। सोनम के मुताबिक, उनके किरदार के रिएक्शन डर से ज्यादा बहादुरी और जिम्मेदारी को दर्शाते हैं, जो फिल्म को और प्रभावशाली बनाते हैं।

ऋषभ चड्ढा का सस्पेंस और हॉरर का तड़का

वहीं अभिनेता ऋषभ चड्ढा फिल्म में सस्पेंस और हॉरर का तड़का लगाते नजर आएंगे। उन्होंने कहा कि हॉरर सिर्फ डरावने सीन से नहीं, बल्कि कैमरे की मूवमेंट और ट्रीटमेंट से पैदा होता है। शूटिंग के दौरान इस बात का खास ध्यान रखा गया कि कैमरा किस एंगल से मूव कर रहा है, ताकि कलाकार उसी हिसाब से रिएक्ट कर सकें और डर का असर दर्शकों तक सही तरीके से पहुंचे।

ऋषभ चड्ढा ने किया दृश्यम का जिक्र

अपने अभिनय के अनुभव साझा करते हुए ऋषभ ने फिल्म ‘दृश्यम’ का ज़िक्र किया, जिसमें उन्होंने नकारात्मक भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि आज की ऑडियंस बहुत समझदार है और नकली या ओवर एक्टिंग को तुरंत पहचान लेती है। इसलिए एक्टर्स के लिए जरूरी है कि वे अपने अभिनय को जितना हो सके उतना वास्तविक रखें।

ऋषभ चड्ढा ने इन सेलेब्स का दिया उदाहरण

ऋषभ चड्ढा ने नवाजुद्दीन सिद्दीकी, पंकज त्रिपाठी, राजकुमार राव और आयुष्मान खुराना जैसे कलाकारों का उदाहरण देते हुए कहा कि ये सभी अपनी सादगी और रियलिस्टिक एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं। ऋषभ ने यह भी बताया कि थिएटर और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अभिनय की जरूरतें अलग होती हैं। बड़े पर्दे पर हर एक्सप्रेशन बड़ा दिखता है, इसलिए वहां संयमित और सटीक अभिनय बेहद जरूरी है।

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