Yash Ramayana Ravana: भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में से एक 'रामायण' को लेकर दर्शकों के बीच अभूतपूर्व क्रेज बना हुआ है। नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बन रही इस फिल्म में केजीएफ फेम सुपरस्टार यश लंकापति रावण की भूमिका निभाते नजर आएंगे। हालांकि पर्दे पर अपनी दमदार एक्टिंग क्षमता से करोड़ों लोगों का दिल जीतने वाले यश के लिए यह फैसला आसान नहीं था।
हाल ही में दिए गए इंटरव्यू के दौरान यश ने स्वीकार किया कि इस पौराणिक और कठिन किरदार को स्वीकार करने से पहले उनके मन में गहरा डर और हिचकिचाहट थी। उन्होंने खुलकर बताया कि अतीत में इस रोल को अमर बनाने वाले महान एक्टर्स की विरासत को आगे बढ़ाने का उन पर कितना भारी मानसिक दबाव है।
यश ने इंटरव्यू के दौरान साफ किया कि भारतीय जनमानस में रावण के चरित्र की एक खास और अमिट छाप बसी हुई है। एनटी रामाराव और अरविंद त्रिवेदी जैसे दिग्गज कलाकारों ने अपनी एक्टिंग से पर्दे पर इस पौराणिक पात्र को जिस ऊंचाई पर पहुंचाया, उसकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती।
जब भी कोई दर्शक रावण के चरित्र की कल्पना करता है, तो उसके मन में सबसे पहले इन्हीं महान एक्टर्स की छवि उभरती है। यश के अनुसार ऐसी ऐतिहासिक और कालजयी विरासतों के साये में काम करना किसी भी एक्टर के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा फैसला हो सकता है।
शुरुआती घबराहट और हिचक के बावजूद यश ने इस चुनौतीपूर्ण किरदार को स्वीकार करने का मन बनाया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने रामायण के मूल चरित्र और रावण की बहुआयामी शख्सियत का गहराई से अध्ययन किया, तो उनकी सोच बदलने लगी।
रावण केवल एक खलनायक नहीं, बल्कि एक प्रकांड विद्वान, कुशल राजनीतिज्ञ, महान संगीतज्ञ और असीम शक्तियों का स्वामी भी था। इस चरित्र के भीतर मौजूद कठिनाओं, अहंकार और ज्ञान के संगम ने एक्टर को अंदर तक प्रभावित किया। इसी गहराई को बड़े पर्दे पर जीवित करने की उत्सुकता ने उनके सारे संकोच को मिटा दिया।
यश द्वारा इस भूमिका को स्वीकार करने के बाद से ही दुनिया भर के सिनेमा प्रेमियों के बीच उत्साह का माहौल है। बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर फिल्म में भगवान श्री राम की भूमिका में नजर आएंगे, जबकि साईं पल्लवी माता सीता की भूमिका निभा रही हैं।
भारतीय सिनेमा के दिग्गजों को एक साथ एक स्टेज पर देखना दर्शकों के लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। फिल्म 'रामायण' के निर्माण से जुड़ी खबरों पर हर किसी की नजर टिकी हुई है। समीक्षकों का मानना है कि यश की पर्दे पर मौजूदगी और उनकी आवाज का भारीपन इस चरित्र में एक नया प्राण फूंकने का काम करेगा।