Subhash Ghai On Rishi Kapoor Depression: हिंदी सिनेमा के इतिहास में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो समय के साथ अपनी एक अलग पहचान बना लेती हैं। 46 साल पहले जून 1980 में एक ऐसी ही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुई थी जिसे आज हम सब कर्ज के नाम से जानते हैं। सुभाष घई के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म आज भारतीय सिनेमा की सबसे बेहतरीन म्यूजिकल थ्रिलर फिल्मों में गिनी जाती है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब यह फिल्म बड़े पर्दे पर आई थी तब इसका स्वागत तालियों से नहीं बल्कि बॉक्स ऑफिस की खामोशी से हुआ था। इस असफलता ने फिल्म की पूरी टीम को झकझोर कर रख दिया था और इसका सबसे गहरा असर फिल्म के अभिनेता ऋषि कपूर पर पड़ा था। फेमस फिल्ममेकर सुभाष घई ने सोशल मीडिया पर फिल्म के सेट से एक पुरानी और अनदेखी तस्वीर शेयर करते हुए उस दौर के दर्द को बयां किया है।
सुभाष घई ने अपने पोस्ट में लिखा कि 'जिस फिल्म को आज लोग एक ऐतिहासिक और सदाबहार म्यूजिकल हिट मानते हैं उसे रिलीज के शुरुआती दिनों में एक फ्लॉप शो करार दे दिया गया था।' सुभाष घई ने बताया कि 'सिनेमाघरों में दर्शकों की कमी और समीक्षकों की नकारात्मक प्रतिक्रिया ने पूरी टीम का हौसला तोड़ दिया था। फिल्म के फ्लॉप होने की खबर ने ऋषि कपूर को इस कदर तोड़ दिया था कि वह गहरे डिप्रेशन में चले गए थे। उनके लिए इस बात पर यकीन करना मुश्किल था कि इतनी मेहनत से बनाई गई फिल्म को दर्शकों ने नकार दिया है।'
ऋषि कपूर की फिल्म कर्ज को अमर बनाने में इसके गानों और संगीत का सबसे बड़ा योगदान रहा है। लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी ने इस फिल्म के लिए जो धुनें तैयार की थीं वे आज भी उतनी ही ताजा लगती हैं जितनी 4 दशक पहले थीं। गीतकार आनंद बख्शी के लिखे बोल जैसे ओम शांति ओम, दर्द-ए-दिल दर्द-ए-जिगर और एक हसीना थी आज भी शादियों से लेकर पार्टियों तक में गूंजते हैं।
फिल्ममेकर सुभाष घई ने अपनी पोस्ट के जरिए अपने अजीज दोस्त ऋषि कपूर को याद करते हुए लिखा कि भले ही आज ऋषि कपूर हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी एक्टिंग इस फिल्म के जरिए हमेशा जीवित रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने सिनेमा प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी भी शेयर की है।
अब इस ऐतिहासिक फिल्म कर्ज को एक नए कलेवर में पेश करने की तैयारी की जा रही है। बहुत जल्द इस कहानी को ब्रॉडवे शैली के एक शानदार म्यूजिकल स्टेज शो के रूप में दर्शकों के सामने लाइव लाया जाएगा। यह उन सभी फैंस के लिए एक बेहतरीन तोहफा होगा जो इस सदाबहार कहानी को एक नए नजरिए से देखना चाहते हैं।