करीना कपूर, शेफाली जरीवाला (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया) 
मनोरंजन

शेफाली की मौत के बाद बोटोक्स पर छिड़ी बहस, करीना कपूर का पुराना बयान हुआ वायरल

शेफाली जरीवाला के अचानक निधन ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। इसी बीच पुराना वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें करीना कपूर खान बोटोक्स और एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट के खिलाफ खुलकर बात की थी।

स्नेहा मौर्या

मुंबई: बॉलीवुड एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला के अचानक निधन ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। जहां एक ओर फैंस उनके जाने का शोक मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो शेफाली बीते पांच सालों से एंटी-एजिंग इंजेक्शन ले रही थीं, और 27 जून को जिस दिन उनका निधन हुआ, उस दिन भी उन्होंने ऐसा ही एक ट्रीटमेंट लिया था।

हालांकि अभी तक उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन शुरुआती जांच में इस ट्रीटमेंट को लेकर संदेह जताया जा रहा है। इस केस में अब तक करीब 14 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, और पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।

इसी बीच सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें करीना कपूर खान बोटोक्स और एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट के खिलाफ खुलकर अपनी राय रखती नजर आई थीं। यह बयान उन्होंने बरखा दत्त को दिए गए एक इंटरव्यू में दिया था। करीना ने साफ कहा था, “मैं बोटोक्स के खिलाफ हूं। मैं प्राकृतिक उपचारों, हेल्दी लाइफस्टाइल और आत्मरक्षा में यकीन रखती हूं।”

करीना ने आगे कहा था, “मेरा मतलब सिर्फ शारीरिक आत्मरक्षा से नहीं, बल्कि खुद को मानसिक रूप से भी सुरक्षित रखने से है। सर्जरी या इंजेक्शन्स की बजाय, बेहतर है कि आप छुट्टियां लें, परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं और अपनी प्रतिभा पर भरोसा रखें। सुंदरता सिर्फ चेहरा नहीं, आत्मविश्वास भी होता है।”

शेफाली जरीवाला की मौत ने एक बार फिर यह मुद्दा खड़ा कर दिया है कि क्या फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में ‘यंग दिखने का दबाव’ इतना बढ़ गया है कि एक्टर्स अपनी सेहत को दांव पर लगा रहे हैं?

'कांटा लगा' गर्ल के नाम से मशहूर शेफाली की लोकप्रियता कभी कम नहीं हुई। वे हमेशा फिटनेस और ग्रेस के लिए पहचानी जाती थीं। लेकिन अब उनके निधन के बाद यह बहस तेज हो गई है कि क्या सुंदरता बनाए रखने के लिए इस तरह के इंजेक्शनों और ट्रीटमेंट्स का सहारा लेना जरूरी है?

फिलहाल सभी की निगाहें शेफाली की फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच पर टिकी हैं, जो इस मामले की असली वजह को सामने लाएगी। लेकिन एक बात साफ है कि यह घटना इंडस्ट्री और समाज के लिए एक चेतावनी है, कि सेहत से समझौता करना कभी खूबसूरती नहीं हो सकता।

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