सिगंर शान (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)  
मनोरंजन

बदलती म्यूजिक इंडस्ट्री पर सिंगर शान की खुलकर बात, कहा- महिला गायिकाओं को कम मिल रहे मौके

Singer Shaan Interview: सिंगर शान ने म्यूजिक इंडस्ट्री में हो रहे बदलाव पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि आज के गानों में महिला गायिकाओं को पहले जैसा महत्व नहीं मिल रहा है।

स्नेहा मौर्या

Shaan Talk About Music Industry: भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री पिछले कुछ सालों में तेजी से बदली है। पहले जहां गानों में कहानी, भावनाएं और मेल-जोल को खास महत्व दिया जाता था, वहीं अब बीट्स, हुक लाइन और सोशल मीडिया ट्रेंड का असर साफ दिखाई देता है। इसी बदलाव पर मशहूर सिंगर शान ने खुलकर अपनी बात रखी है। उनका मानना है कि इस नए ट्रेंड का सबसे ज्यादा असर महिला गायिकाओं पर पड़ा है।

महिला गायिकाओं को कम मिल रहे मौके

आईएएनएस से बातचीत में शान ने कहा कि आज के दौर में गानों की संरचना बदल गई है। अब कई गानों में पुरुष गायकों की लाइनें ज्यादा होती हैं, जबकि महिला आवाज को सीमित हिस्सों तक रखा जाता है। कई बार महिला गायिकाएं सिर्फ कुछ लाइनों या बैकग्राउंड वोकल्स तक ही सिमट कर रह जाती हैं। शान के मुताबिक, यह एक चिंताजनक स्थिति है क्योंकि इससे संगीत में संतुलन कम होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला आवाज किसी भी गाने में अलग भाव और गहराई जोड़ती है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

शान ने 90 के दशक का सुनहरा दौर बताया

सिंगर शान ने 90 के दशक को याद करते हुए कहा कि उस समय डुएट गानों में बराबरी साफ दिखाई देती थी। पुरुष और महिला गायकों की लाइनें लगभग समान होती थीं। गाने की पहचान दोनों आवाजों से बनती थी और श्रोता दोनों को समान रूप से पसंद करते थे। उस दौर के कई गाने आज भी इसलिए याद किए जाते हैं क्योंकि उनमें भावनाओं की गहराई और दोनों कलाकारों की मजबूत मौजूदगी थी। गानों में मेलोडी और कहानी का अहम रोल होता था, जो अब धीरे-धीरे कम होता नजर आ रहा है।

बीट्स और रीमिक्स पर सिंगर ने जताई चिंता

शान का मानना है कि यह बदलाव अचानक नहीं आया, बल्कि समय के साथ इंडस्ट्री का हिस्सा बन गया। आजकल गानों में बीट्स, रीमिक्स और वायरल ट्रेंड को प्राथमिकता दी जाती है। ऐसे में कहानी-आधारित और भावनात्मक गाने कम बन रहे हैं। इसका सीधा असर महिला गायिकाओं की भूमिका पर पड़ा है।

इस मुद्दे पर पहले भी कई कलाकार अपनी राय रख चुके हैं। हाल ही में मशहूर गायिका श्रेया घोषाल ने भी इंडस्ट्री में महिला कलाकारों की घटती मौजूदगी पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि अगर ज्यादा महिला गीतकार और संगीतकार आगे आएंगी, तो गानों में महिलाओं की सोच और भावनाओं को बेहतर ढंग से पेश किया जा सकेगा।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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