Salim Kumar Death In Hospital: मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता सलीम कुमार के निधन पर केरल सरकार ने गहरा शोक व्यक्त किया है। राज्य सरकार ने उनके अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान के साथ पूरा करने का फैसला लिया है। साथ ही केरल सरकार ने यह भी ऐलान किया है, कि अंतिम संस्कार और उससे संबंधित सभी व्यवस्थाओं का खर्च राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।
अपनी बेहतरीन एक्टिंग से दर्शकों को हंसाने और रुलाने पर मजबूर करने वाले अभिनेता सलीम कुमार की तबीयत शनिवार रात करीब 10 बजकर 45 मिनट पर अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत वेंटिलेटर सपोर्ट पर रख दिया था। डॉक्टरों की पूरी टीम उन्हें बचाने की कोशिश में जुटी रही। लेकिन तमाम कोशिशों और दुआओं के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
केरल सरकार द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि 'सरकार को प्रसिद्ध अभिनेता सलीम कुमार के निधन का समाचार सुनकर अत्यंत दुख हुआ है। सलीम कुमार ने अपने लंबे फिल्मी करियर में अभिनय के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया और कई प्रतिष्ठित पुरस्कार हासिल किए। उन्हें वर्ष 2010 में 'अदामिन्ते मकान अबू' में शानदार अभिनय के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला था। इसके अलावा वर्ष 2005 की फिल्म 'अचनुरंगथा वीडु' के लिए उन्हें केरल राज्य फिल्म पुरस्कार में द्वितीय सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुना गया था।
केरल सरकार के आदेश के अनुसार, दिवंगत अभिनेता के पार्थिव शरीर को एर्नाकुलम जिले के नॉर्थ पारावुर स्थित उनके आवास पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। सरकार ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आदेश में एर्नाकुलम के जिला कलेक्टर को राज्य सरकार की ओर से पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित करने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
एक्टर सलीम कुमार की पहचान सिर्फ एक अभिनेता के तौर पर नहीं थी, बल्कि वे विभिन्न प्रतिभा के धनी थे। सलीम कुमार ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर और मिमिक्री के स्टेज से की थी। अपनी इसी कला के दम पर उन्होंने साल 1997 में आई फिल्म ‘इष्टमानु नूरु वट्टम’ से बिग स्क्रीन पर कदम रखा था। पहली ही फिल्म से उन्होंने बता दिया था कि वे लंबी रेस के घोड़े हैं। इसके बाद सलीम कुमार ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार आगे बढ़ते गए।
यह भी पढ़ें: वीकेंड पर चला वरुण धवन का जादू, जानें Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai ने 2 दिन में किया कितना कलेक्शन?
सलीम कुमार के करियर में कई उतार-चढ़ाव देखने के बाद साल 2010 में आई फिल्म ‘अदामिन्ते मकन अबू’ उनकी लाइफ का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई। इस फिल्म में उन्होंने अपनी बेहतरीन अदाकारी से हर किसी को रोने पर मजबूर कर दिया था।
इसी शानदार अभिनय के लिए सलीम कुमार को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। इसके अलावा उन्हें चार बार केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था। वे सिर्फ अभिनय तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने ‘करुथा जूथन’ जैसी फिल्मों का डायरेक्शन भी किया।