प्रीति जिंटा  (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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प्रीति जिंटा ने मदरहुड और करियर पर की खुलकर बात, बोलीं- अगर मुझे मदद नहीं मिलती तो बाहर आना भी मुश्किल होता

Preity Zinta Career: प्रीति जिंटा ने करियर और मदरहुड के बीच बैलेंस को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि महिलाएं स्वभाव से मल्टीटास्कर होती हैं, लेकिन काम और परिवार संभालने के लिए सपोर्ट सिस्टम जरूरी है।

सोनाली झा

Preity Zinta Work Life Balance: बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रीति जिंटा ने एक्टिंग के साथ-साथ अपनी पर्सनल लाइफ और बिजनेस की जिम्मेदारियों को भी बखूबी संभाला है। शादी और मां बनने के बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बनाई, लेकिन इस दौरान परिवार के साथ-साथ अपने बिजनेस पर भी ध्यान दिया। अब लंबे समय बाद फिल्मों में वापसी कर चुकीं एक्ट्रेस ने अपनी जिंदगी के अनुभव और काम के साथ मदरहुड को मैनेज करने को लेकर खुलकर बात की है।

प्रीति जिंटा ने कहा कि महिलाएं स्वभाव से ही मल्टीटास्कर होती हैं। उन्होंने अपनी मां का उदाहरण देते हुए बताया कि भले ही उनकी मां नौकरी नहीं करती थीं, लेकिन घर और परिवार की जिम्मेदारियां संभालना किसी फुल टाइम जॉब से कम नहीं था। एक्ट्रेस ने कहा कि उनकी मां उनके पिता, तीन बच्चों, घर और कई दूसरी जिम्मेदारियों का ख्याल रखती थीं। प्रीति के मुताबिक, आज महिलाएं घर और ऑफिस दोनों संभालते हुए किसी 'सुपरवुमन' से कम नहीं हैं।

मदरहुड और करियर संभालना है चुनौतीपूर्ण

प्रीति ने खुद को खुशकिस्मत बताया कि उनके पास एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम है, जिसकी मदद से वह अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बना पाती हैं। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें मदद नहीं मिलती तो उनके लिए काम के सिलसिले में घर से बाहर निकलना भी मुश्किल होता। प्रीति ने इस बात पर जोर दिया कि सही सपोर्ट और सुविधाएं महिलाओं के लिए करियर और परिवार दोनों को संभालना काफी आसान बना सकती हैं।

अलग-अलग समय पर तय करनी पड़ती है प्राथमिकता

प्रीति जिंटा के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति जिंदगी में कई चीजें हासिल करना चाहता है तो उसे अलग-अलग समय पर अलग-अलग चीजों को प्राथमिकता देनी पड़ती है। उन्होंने माना कि यह सफर आसान नहीं होता, लेकिन अगर किसी के पास जरूरी साधन और मदद मौजूद हो तो चुनौतियां काफी कम हो सकती हैं।

प्रीति जिंटा ने की महिलाओं की तारीफ

प्रीति जिंटा ने उन महिलाओं की भी तारीफ की जो बिना किसी मदद के नौकरी, घर और बच्चों की जिम्मेदारी एक साथ संभालती हैं। उन्होंने कहा कि हर महिला की परिस्थितियां अलग होती हैं और जिनके पास मदद के साधन कम हैं, उनके लिए यह सफर और भी मुश्किल हो जाता है। प्रीति ने अपनी जिंदगी में मौजूद विकल्पों और सुविधाओं के लिए आभार जताते हुए कहा कि वह खुद को भाग्यशाली मानती हैं कि उन्हें अपने जीवन से जुड़े फैसले लेने की आजादी मिली है।

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