Pamela Serena Elimination On Lock Upp 2: रियलिटी शो 'लॉक अप 2' के हालिया एलिमिनेशन में पामेला सेरेना और आकांक्षा चौधरी का सफर खत्म हो गया। शो से बाहर आने के बाद पामेला ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में अपने अनुभव, शो के अंदर बने रिश्तों और अपने पुराने विवादित खुलासों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि भारत में रियलिटी शो का अनुभव उनके लिए बिल्कुल अलग रहा और यहां उन्होंने काफी कुछ नया सीखा।
पामेला ने कहा कि यूएई और यूके के रियलिटी शोज की तुलना में भारत के रियलिटी शोज का माहौल काफी अलग है। उनके मुताबिक, विदेशों के कई शोज में ज्यादा विवाद और टकराव देखने को मिलते हैं, जबकि भारत में खिलाड़ियों को अपनी हर बात और व्यवहार को लेकर काफी सतर्क रहना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यहां दर्शक भावनात्मक रूप से जुड़ते हैं, इसलिए हर कदम सोच-समझकर उठाना होता है।
शो के प्रतिभागियों के बारे में बात करते हुए पामेला ने कहा कि हर कंटेस्टेंट की अपनी अलग पहचान है। हालांकि, उनकी नजर में हर्षद और शिवांगी ऐसे प्रतियोगी हैं, जो किसी भी टिप्पणी या मजाक को आसानी से स्वीकार नहीं कर पाते। वहीं उन्होंने कहा कि शो के दौरान आकांक्षा चौधरी का असली व्यक्तित्व धीरे-धीरे सामने आया और समय के साथ उनके व्यवहार में बदलाव देखने को मिला।
'लॉक अप 2' के एक टास्क के दौरान पामेला सेरेना ने अपनी स्टूडेंट लाइफ से जुड़ा एक राज साझा किया था। उन्होंने बताया था कि किशोरावस्था में वह क्रिकेट मैचों पर सट्टेबाजी करती थीं। इंटरव्यू में इस पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि उस समय उनकी उम्र करीब 15-16 साल थी और अब उन्हें उस बात पर पछतावा है। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें अपने उस फैसले पर बिल्कुल गर्व नहीं है।
आकांक्षा चमोला के साथ अपनी दोस्ती और उस पर उठी चर्चाओं को लेकर पामेला ने कहा कि वह किसी इंसान को उसकी निजी पहचान के आधार पर नहीं, बल्कि उसके व्यवहार से आंकती हैं। उन्होंने कहा कि शो में उन्होंने जो दोस्ती की, वह पूरी ईमानदारी से निभाई। साथ ही उन्होंने आकांक्षा के एक वायरल बयान को लेकर भी सफाई दी और कहा कि उसे गलत संदर्भ में समझा गया।