Operation Safed Sagar Ajay Ahuja Story: नेटफ्लिक्स पर 7 अगस्त को रिलीज हुई वेब सीरीज ऑपरेशन सफेद सागर ने 1999 के करगिल युद्ध में पाकिस्तान के कायराना दर्द को दोबारा हरा कर दिया है। इस वेब सीरीज में भारतीय वायुसेना के अदम्य साहस का परिचय दिया गया है।
ऑपरेशन सफेद सागर साल 1999 के कारगिल युद्ध में इंडियन एयर फोर्स की अहम भूमिका को बयां किया गया है। इस वेब सीरीज में कारगिल युद्ध के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा की वीरगति पर आधारित है। इस वेब सीरीज में अजय आहूजा की भूमिका एक्टर सिद्धार्थ ने निभायी है।
राजस्थान के कोटा में जन्मे अजय आहूजा ने एनडीए से प्रशिक्षण लेने के बाद 1985 में इंडियन एयरफोर्स ज्वॉइन की थी। अपने करीब 14 वर्ष के करियर में उन्होंने मिग-21 और मिग-23 जैसे लड़ाकू विमान उड़ाए और फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर के तौर पर 1,000 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव हासिल किया। कारगिल युद्ध के दौरान वे नंबर 17 स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज’ के फ्लाइट कमांडर थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वेब सीरीज के विषय में प्रोड्यूसर ने अजय आहूजा से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के दौरान अजय आहूजा की पत्नी अलका आहूजा ने उनका मूल बैज टीम को सौंपा, जिसे पहनकर सिद्धार्थ ने पूरी फिल्म की शूटिंग की। ऑपरेशन सफेद सागर के माध्यम से अजय आहूजा सहित उन सभी वीर जवानों की कहानी नई पीढ़ी तक पहुंच रही है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
अजय आहूजा की पत्नी अलका आहूजा के मुताबिक, शादी के बाद अजय ने उनसे कहा था कि वह उनकी “दूसरी पत्नी” हैं, क्योंकि उनकी पहली पत्नी भारतीय वायुसेना है। बाद में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देकर उन्होंने इस बात को सच साबित कर दिया।
अजय आहूजा कारगिल युद्ध में शहीद होने वाले भारतीय वायुसेना के पहले अधिकारी बने। उनके अदम्य साहस और बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया। तत्कालीन कमांडिंग ऑफिसर और बाद में वायुसेना प्रमुख रहे एयर चीफ मार्शल बी.एस. धनोआ ने भी उनकी बहादुरी को याद किया था।
27 मई 1999 को स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा ऑपरेशन सफेद सागर के तहत बटालिक सेक्टर में फोटो रिकॉनिसेंस मिशन का नेतृत्व कर रहे थे। इसी दौरान फ्लाइट लेफ्टिनेंट के. नचिकेता का मिग-27 तकनीकी खराबी के कारण दुश्मन के इलाके में जा गिरा और उन्हें विमान से इजेक्ट करना पड़ा। अजय आहूजा ने खतरे के बावजूद अपने साथी पायलट का पता लगाने और बचाव अभियान में मदद के लिए इलाके में उड़ान जारी रखी।
अजय आहूजा को पता था कि इलाके में पाकिस्तान ने स्टिंगर जैसी सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें तैनात कर रखी थीं। इसके बावजूद उन्होंने मिशन जारी रखा। लगातार चक्कर लगाने के दौरान उनके मिग-21 को स्टिंगर मिसाइल ने निशाना बना लिया। उन्होंने विमान से सुरक्षित इजेक्ट किया, लेकिन नियंत्रण रेखा पार कर पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में उतर गए।