मनोज बाजपेयी और समय रैना (सौ. डिजाइन फोटो)
मनोरंजन

समय रैना विवाद के बीच मनोज बाजपेयी की दो टूक, बोले- मजाक है तो दिक्कत नहीं, खुद पर और एक-दूसरे पर हंसना सीखें

Samay Raina Controversy पर मनोज बाजपेयी ने कहा कि मजाक सम्मान के दायरे में होना चाहिए। एक्टर ने अपने शुरुआती दिनों का किस्सा साझा करते हुए बताया कि कैसे एक बस ड्राइवर ने उन्हें ‘बिहारी’ कहा था।

अपूर्वा नायक

Manoj Bajpayee Samay Raina Show Controversy: बॉलीवुड के दिग्गज कलाकारों में से एक एक्टर मनोज बाजपेयी ने कॉमेडियन समय रैना की इंडियाज गॉट लेटेंट में हुई कॉन्ट्रोवर्सी पर अपना रिएक्शन शेयर किया है।

समय रैना की बिहारियों पर कथित विवादित टिप्पणी मामले पर मनोज बाजपेयी ने कहा है कि अगर समय मजाक में सब कह रहे थे तो कोई दिक्कत नहीं है। हमें सम्मान के साथ खुद पर और एक-दूसरे पर हंसना सीखना चाहिए। इसके अलावा मनोज बाजपेयी ने अपने जीवन से जुड़ा एक किस्सा भी सुनाया।

सम्मान के साथ खुद पर हंसना जरूरी

अपनी अपकमिंग फिल्म लास्ट मैन इन टॉवर के प्रमोशन के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए मनोज बाजपेयी ने कहा कि लोगों को खुद पर और एक-दूसरे पर हंसना सीखना चाहिए। हालांकि मनोज बाजपेयी ने भी कहा कि जोक भी ऐसे होने चाहिए जिससे किसी के इमोशन हर्ट ना हो। उन्होंने कहा कि अपने लिए ही नहीं, बल्कि जिस व्यक्ति के साथ बातचीत हो रही है और वह जिस बैकग्राउंड से आता है, उसका भी सम्मान करना जरूरी है।

शैरन वर्मा और समय रैना का जिक्र

इंडियाज गॉट लेटेंट के अपकमिंग एपिसोड में शैरन वर्मा और समय रैना ने बातचीत के दौरान एक-दूसरे के बिहारी और कश्मीरी बैकग्राउंड को लेकर मजाक किया था। जिसके बाद मनोज ने कहा कि जब दो लोग एक-दूसरे के साथ सहज होते हैं, तो उनके बीच आपसी मजाक होना स्वाभाविक है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि मजाक और अपमान के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।

मनोज बाजपेयी ने साझा किया अपना किस्सा

मनोज बाजपेयी ने दिल्ली में अपने शुरुआती दिनों से जुड़ा एक किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि जब वह करीब 18 साल के थे, तब उन्हें शहर के बस नियमों की जानकारी नहीं थी। एक बार वह बस में सामने वाले दरवाजे से चढ़ने की कोशिश कर रहे थे। इस पर ड्राइवर ने उन्हें डांटते हुए कहा था कि ए बिहारी, पिछले गेट से चढ़ो।

पुराने अनुभव से नहीं हुए आहत

मनोज बाजपेयी ने बताया कि उन्हें इस बात का बुरा नहीं लगा, क्योंकि वह वास्तव में बिहार से है और उस समय शहर में नए थे। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों के लोगों से दोस्ती करने के बाद वे भी एक-दूसरे के साथ मजाक करते थे और इसे लेकर कभी आहत नहीं हुए।

परेशानी तब जब मजाक से आगे बढ़े बात

मनोज बाजपेयी ने कहा कि समस्या तब पैदा होती है, जब कोई व्यक्ति किसी समुदाय या क्षेत्र के लिए वास्तविक परेशानी का कारण बनता है। उनके अनुसार, एक-दूसरे पर हंसना तभी स्वस्थ माना जा सकता है, जब उसमें आपसी सहजता, सम्मान और संवेदनशीलता बनी रहे। उन्होंने इसे स्वस्थ समाज की एक महत्वपूर्ण निशानी बताया।

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