

Uttam Kumar Birth Centenary: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 137वें एपिसोड में भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के एक ऐतिहासिक अध्याय को देशवासियों के सामने रखा। आने वाली 3 सितंबर को बंगाली सिनेमा के दिग्गज एक्टर उत्तम कुमार की 100वीं बर्थ एनिवर्सरी है। इस खास मौके से ठीक पहले प्रधानमंत्री ने उन्हें याद करते हुए उनकी बहुमुखी प्रतिभा और एक्टिंग की जमकर तारीफ की। प्रधानमंत्री के इस संबोधन ने न केवल सिनेमा प्रेमियों के दिलों को छुआ, बल्कि 3 दशक तक पर्दे पर राज करने वाले इस महान कलाकार की यादों को एक बार फिर पूरे देश में ताजा कर दिया है।
मन की बात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तम कुमार और महान फिल्म डायरेक्टर सत्यजीत रे के बीच के अनोखे जुड़ाव पर रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री के जानकार यह मानते हैं कि सत्यजीत रे ने अपनी 1966 की फिल्म नायक की पूरी कहानी उत्तम कुमार को ध्यान में रखकर ही लिखी थी। सत्यजीत रे के हवाले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उत्तम कुमार की एक्टिंग में गजब का स्वाभिमान और भावनात्मक गहराई थी। उन्होंने उस फिल्म में अपने रोल को जीवंत करने के लिए कड़ी मेहनत की थी, जिसकी छाप आज भी दर्शकों के दिलों पर कायम है।
बता दें कि उत्तम कुमार का असली नाम अरुण कुमार चट्टोपाध्याय था और उनका जन्म 3 सितंबर 1926 को हुआ था। 1948 में फिल्म दृष्टिदान से अपने करियर की शुरुआत करने वाले इस एक्टर का शुरुआती सफर आसान नहीं रहा। लगातार कई फिल्में फ्लॉप होने के कारण एक समय उन्हें असफलता का दौर झेलना पड़ा। हालांकि 1952 में बासू परिवार और 1953 में साढ़े 74 के आने के बाद उनकी किस्मत चमक उठी। इसके बाद सुचित्रा सेन के साथ उनकी जोड़ी ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए रिकॉर्ड बनाए। सप्तपदी, हरानो सुर, एंथोनी फिरंगी और अमानुष जैसी फिल्मों ने उन्हें हमेशा के लिए अमर बना दिया।
केवल एक्टिंग ही नहीं, उत्तम कुमार ने डायरेक्शन, निर्माण और संगीत के क्षेत्र में भी अपनी कला का लोहा मनवाया। वे 1967 में सर्वश्रेष्ठ एक्टर का पहला नेशनल फिल्म अवॉर्ड हासिल करने वाले कलाकार बने। 24 जुलाई 1980 को 53 साल की उम्र में उनका असमय निधन हो गया था, लेकिन उनकी विरासत आज भी जीवित है। 3 सितंबर को आने वाली उनकी जन्मशती को लेकर पूरे देश में क्रेज का माहौल है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस विशेष उल्लेख ने इस अवसर को और भी अधिक गरिमापूर्ण बना दिया है।