लक्ष्मण उतेकर (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया) 
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इस डायरेक्टर की 6 साल में कोई भी फिल्में नहीं हुईं फ्लॉप, पहले करते थे Toilet साफ, फिर यूं बने निर्देशक, जानें संघर्ष की कहानी

डायरेक्ट लक्ष्मण उतेकर को आज कर कोई जानता है। उन्होंने अपने 6 साल के करियर में 4 फिल्में बनाईं और सारी हिट रही हैं, लेकिन कामयाबी की सीढ़ी चढ़ने से पहले इस निर्देशक को कई संघर्षों का सामना करना पड़ा है, तो आइए जानते हैं।

स्नेहा मौर्या

मुंबई: बॉलीवुड इंडस्ट्री में कई ऐसे निर्देशक रहे हैं, जिन्होंने अपनी अलग पहचान और फिल्म की सफलता हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की है। इनमें से एक जाने-माने निर्देशक लक्ष्मण उतेकर भी हैं। भले ही निर्देशक आज के समय में अपनी एक फिल्म से खूब धमाल मचा रहे हैं, लेकिन कामयाबी की सीढ़ी चढ़ने से पहले  निर्देशक को संघर्षों का एक लंबा सफर तय करना पड़ा है। उन्होंने अपने 6 साल के करियर में चार फिल्में बनाईं और सारी हिट रही हैं।

दरअसल, डायरेक्टर की हाल ही में रिलीज हुई फिल्म छावा थिएटर में धमाल मचा रही है और छत्रपति संभाजी महाराज की कहानी को बड़े पर्दे पर दिखाने से पहले लक्ष्मण उतेकर कई शानदार फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं।

हालांकि, फिल्मी दुनिया में कदम रखने से पहले लक्ष्मण उतेकर ने संघर्ष भरी जर्नी को जीया है। वह पिछले 18 सालों से इंडस्ट्री में हैं, लेकिन उन्हें पहचान छावा से मिली है जबकि वह इससे पहले भी दो हिट फिल्में दे चुके हैं। आज उन्हें दुनियाभर में छावा से लोकप्रियता मिली, लेकिन इस सफलता का रस चखने से पहले उन्होंने एक लंबा सफर तय किया है।

शायद ही आपको मालूम हो कि फिल्मों में आने से पहले पैसे कमाने के लिए लक्ष्मण उतेकर ने कितने हाथ-पैर मारे हैं। पेट पालने के लिए कभी वह चपरासी का काम किया है। उन्होंने टॉयलेट तक साफ किया है। इसका खुलासा खुद विक्की कौशल ने लक्ष्मण उतेकर ने एक इंटरव्यू में बताया था। उन्होंने हॉलीवुड रिपोर्टर के साथ बातचीत में कहा था कि, "स्पॉटबॉय से पहले वह एक ऐसे ऑफिस में चपरासी थे जहां वह टॉयलेट साफ करते थे। इस तरह उनकी जर्नी शुरू हुई, शिवाजी पार्क में उनका वड़ा पाव का ठेला था। वह वड़ा पाव बेचा करते थे और आज वह छावा के निर्देशक हैं।"

विक्की कौशल ने छावा के डायरेक्टर लक्ष्मण उतेकर के बारे में आगे बताया था कि, "वह एक ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें मैंने अपना दोस्त, एक गुरु माना है, जिनसे मैंने एक इंसान के तौर पर बहुत कुछ सीखा है। हम वाकई खुश हैं कि हम उस तरह से पैदा हुए हैं और अब हमारे बीच एक पर्सनल इक्वेशन भी है जो एक निर्देशक और अभिनेता से कहीं ज्यादा गहरा है। मैं उनके जैसे इंसान से जुड़ता हूं और प्रेरित होता हूं।"

आपको बता दें, लक्ष्मण उतेकर ने अपनी जर्नी 2007 में ही बतौर सिनेमैटोग्राफर शुरू कर दी थी, लेकिन निर्देशक के रूप में उन्होंने 2014 में मराठी फिल्म तपाल से डेब्यू किया था। साल 2019 में उन्होंने अपनी पहली हिंदी फिल्म लुका छुपी का निर्देशन किया था जो हिट साबित हुई थी। फिर उन्होंने मिमी बनाई जो ओटीटी पर सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली फिल्मों मे से एक थी। लक्ष्मण की जरा हटके जरा बचके भी बॉक्स ऑफिस पर हिट रही थी। वहीं, उनकी लेटेस्ट मूवी छावा ने भारत में 11 दिन के अंदर 400 करोड़ के ऊपर बिजनेस कर लिया है।

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