गीता दत्त  (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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ब्लैक एंड व्हाइट दौर में भी दिवाली थी इतनी रंगीन, गीता दत्त के इस गाने में छिपी है त्योहार की खूबसूरत याद

Old Diwali Song: 1958 की फिल्म 'गूंज उठी शहनाई' का गाना 'आई दिवाली आई' आज भी खास है। गीता दत्त की आवाज, भारत व्यास के बोल और वसंत देसाई का संगीत इसे पुराने दौर का यादगार दिवाली गीत बनाते हैं।

सोनाली झा

Highlights

  • 1958 की फिल्म 'गूंज उठी शहनाई' में सुनाई दिया था दिवाली पर आधारित खास गाना।

  • 'आई दिवाली आई' को दिग्गज गायिका गीता दत्त ने अपनी आवाज दी थी।

  • गाने के बोल भारत व्यास ने लिखे थे, जबकि संगीत वसंत देसाई ने तैयार किया था।

Geeta Dutt Old Diwali Song: दिवाली का त्योहार रोशनी, खुशियों और संगीत के बिना अधूरा है। इस खास मौके पर बॉलीवुड के कई गाने लोगों के जश्न को और यादगार बना देते हैं। आज भी दिवाली आते ही पुराने हिंदी फिल्मी गीतों की याद ताजा हो जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हिंदी सिनेमा में दिवाली पर आधारित शुरुआती गानों में से एक गीत करीब 68 साल पहले रिलीज हुआ था? इस सदाबहार गाने को मशहूर गायिका गीता दत्त ने अपनी खूबसूरत आवाज दी थी।

हिंदी सिनेमा में साल 1958 में एक ऐसा गाना आया था, जिसने दिवाली के पारंपरिक जश्न को संगीत के जरिए बेहद खूबसूरती से पर्दे पर उतारा। इस गाने के बोल हैं 'आंगन में तुलसी और जगमगाते दीप' और इसे गीता दत्त ने अपनी आवाज से सजाया था। गाने का नाम 'आई दिवाली आई' है। उस दौर में जब हिंदी सिनेमा ब्लैक एंड व्हाइट हुआ करता था, तब इस गीत ने त्योहार की रौनक और भारतीय परंपराओं को खूबसूरती से पेश किया था।

तुलसी पूजा से लेकर दीयों की रोशनी तक

इस गाने की सबसे खास बात इसके बोल और इसमें दिखाई गई दिवाली की पारंपरिक झलक है। आंगन में तुलसी का पौधा, पूजा-पाठ और चारों तरफ जगमगाते दीये त्योहार के असली रंग को दिखाते हैं। गाने में दिवाली के उस रूप को दिखाया गया है, जहां खुशियां महंगे तोहफों या बड़ी पार्टियों में नहीं, बल्कि परिवार और परंपराओं के साथ मनाए जाने वाले छोटे-छोटे पलों में होती हैं। यही वजह है कि करीब सात दशक बाद भी यह गीत अपनी खास पहचान बनाए हुए है।

फिल्म गूंज उठी शहनाई का है यह गाना

बता दें कि यह सदाबहार गीत साल 1958 में रिलीज हुई फिल्म 'गूंज उठी शहनाई' का हिस्सा है। फिल्म का निर्देशन विजय भट्ट ने किया था। इसमें राजेंद्र कुमार, अमिता, अनीता गुहा और आई एस जौहर जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म का संगीत वसंत देसाई ने तैयार किया था, जबकि इसके गीतकार भरत व्यास थे।

फिल्म में 'जीवन में पिया तेरा साथ रहे', 'तेरे सुर और मेरे गीत' और 'दिल का खिलौना हाय टूट गया' जैसे यादगार गाने भी शामिल थे। लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी की आवाज में सजे इन गीतों को भी खूब पसंद किया गया। वहीं, गीता दत्त का गाया दिवाली गीत आज भी पुराने दौर की सादगी और त्योहार की खूबसूरती की याद दिलाता है।

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