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'आंख मारे' से लेकर 'डोला रे डोला रे' तक, कविता कृष्णमूर्ति ने 16 भाषाओं में 18 हजार से ज्यादा गाने गाए

उज्वला धारपवार

मुंबई: बॉलीवुड की मशहूर प्लेबैक सिंगर कविता कृष्णमूर्ति आज अपना 64वां जन्मदिन मना रही हैं। उनका जन्म 25 जनवरी 1958 को दिल्ली के एक तमिल परिवार में हुआ था। आज उनके जन्मदिन के मौके पर आइए जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें...

पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित

कविता कृष्णमूर्ति ने अपनी सुरीली आवाज से 16 भाषाओं में करीब 18000 गाने गाए हैं। इसके अलावा उन्होंने कई सुपरहिट गानों के लिए संगीत भी तैयार किया है, उनके बेहतरीन गायकी के लिए उन्हें कई पुरस्कारों से नवाजा गया, जिनमें से एक पद्म श्री पुरस्कार था जो उन्हें 2005 में मिला था।

इस गाने से मिली पहचान 

कविता कृष्णमूर्ति बचपन से ही गाने का शोक था। इसके बाद उन्हें महज 9 साल की उम्र में लता मंगेशकर के साथ गाने का मौका मिल गया, लेकिन उस समय कविता कृष्णमूर्ति को कोई खास पहचान नहीं मिली। कई सालों के संघर्ष के बाद कविता को बॉलीवुड में पहचान साल 1985 में रिलीज हुई फिल्म 'प्यार झुकता नहीं' से एक सिंगर के तौर पर मिली। इसके बाद साल 1986 की सुपरहिट फिल्म 'करते हैं हम प्यार मिस्टर इंडिया से' और 'हवा हवाई' गानों ने उनके करियर को उचाई पर जा खड़ा कर दिया। यह उनके करियर के सुपरहिट गाने थे, जिसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 

कविता कृष्णमूर्ति सुपरहिट गाने

कविता ने अपने सिंगिंग करियर में कई सुपरहिट गाने गाए, जिनमें से 'आंख मारे', 'डोला रे डोला रे', 'तू चीज बड़ी है मस्त मस्त' और 'हवा-हवाई' जैसे सुपरहिट गाने शामिल हैं। लोगों ने इस गाने को खूब पसंद किया और आजादी के मौके पर ये गाना खूब सुना जाता है।

पर्सनल लाइफ

कविता कृष्णमूर्ति की शादीशुदा जिंदगी की बात करें तो, उन्होंने साल 1999 में वायलिन वादक एल सुब्रमण्यम से शादी की थी। कविता की कोई संतान नहीं है।

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