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फिल्ममेकर संजय गुप्ता का 30 अक्टूबर को निधन हो गया था, अब मुंबई में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
वर्सोवा श्मशान घाट में हुई अंतिम विदाई में अभिषेक बच्चन, मनोज बाजपेयी और राजपाल यादव पहुंचे।
संजय गुप्ता के अंतिम दर्शन के दौरान अभिनेता रोनित रॉय अपने आंसू नहीं रोक पाए।
Filmmaker Sanjay Gupta Funeral: फिल्ममेकर संजय गुप्ता के निधन से बॉलीवुड में शोक की लहर है। 30 अक्टूबर को उनके अचानक निधन की खबर सामने आई, जिसके बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई सितारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। अब संजय गुप्ता का अंतिम संस्कार मुंबई के यारी रोड जंक्शन स्थित वर्सोवा श्मशान घाट में कर दिया गया है। उनकी अंतिम विदाई में अभिषेक बच्चन, मनोज बाजपेयी, राजपाल यादव, राकेश रोशन और मुकेश छाबड़ा समेत कई फिल्मी हस्तियां शामिल हुईं।
संजय गुप्ता के निधन की खबर सुनकर अभिनेता रोनित रॉय उनके घर अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे थे। इस दौरान वह अपने आंसू नहीं रोक पाए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में रोनित फफककर रोते नजर आए। उनके भाई भी उन्हें संभालते दिखाई दिए और उनकी आंखों में भी आंसू थे। इसके अलावा निर्देशक विवेक अग्निहोत्री, फरदीन खान, रोहित रॉय, गुलशन ग्रोवर, अशोक पंडित और मिलाप जावेरी ने भी संजय गुप्ता के घर पहुंचकर उन्हें अंतिम विदाई दी।
जानकारी के मुताबिक, संजय गुप्ता का 30 अक्टूबर की देर रात अपने घर में गिरने के बाद निधन हो गया। गिरने की वजह से उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। मुंबई पुलिस के मुताबिक, परिवार को रात में इस घटना की जानकारी नहीं हो सकी। चोट लगने के बाद उनका खून बहता रहा और सुबह तक उनकी मौत हो गई। उनके अचानक चले जाने से फिल्म इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है।
संजय गुप्ता ने अपने करियर में अभिनेता संजय दत्त के साथ कई यादगार फिल्मों में काम किया। दोनों की जोड़ी ने 'कांटे', 'मुसाफिर', 'जिंदा' और 'शूटआउट एट लोखंडवाला' जैसी फिल्मों से दर्शकों का मनोरंजन किया। संजय गुप्ता एक बार फिर संजय दत्त के साथ फिल्म 'कांटे' का सीक्वल बनाना चाहते थे। संजय दत्त ने उनका यह सपना पूरा करने का वादा भी किया था, लेकिन अब फिल्ममेकर इसे पूरा होते हुए नहीं देख पाएंगे।
संजय गुप्ता ने बतौर निर्देशक साल 1994 में फिल्म 'आतिश: फील द फायर' से बॉलीवुड में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने 'जंग', 'खौफ', 'हमेशा' और 'कांटे' जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। साल 2002 में रिलीज हुई 'कांटे' ने उन्हें खास पहचान दिलाई। उनकी फिल्मों और काम को हिंदी सिनेमा में लंबे समय तक याद किया जाएगा।