Anurag Basu On Satluj Controversy:'सतलुज' हटाने पर अनुराग बसु ने उठाए सवाल, बोले- क्रिएटिव फ्रीडम खतरे में हैबॉलीवुड से एक ऐसी खबर आई है जिसने हर किसी को चौंका कर रख दिया है। पॉपुलर पंजाबी सिंगर और बेहतरीन एक्टर दिलजीत दोसांझ की नई फिल्म 'सतलुज' को लेकर इस समय फिल्म गलियारों में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। यह फिल्म 3 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर दर्शकों के मनोरंजन के लिए जारी की गई थी। लेकिन रिलीज के महज 2 दिन बाद ही इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से पूरी तरह गायब कर दिया गया।
बिना किसी पहले जानकारी या ऑफिशियली बयान के उठाए गए इस कदम से फैंस और सिनेमाप्रेमी हैरान हैं। फिल्म देखने की इच्छा रखने वाले दर्शक अचानक हुए इस फैसले की वजह तलाश रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ इस बड़ी घटना ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री के भीतर भी खलबली मचा दी है।
इस पूरे विवाद के सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री की फेमस हस्तियों ने अपनी प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में जाने-माने फिल्म डायरेक्टर अनुराग बसु ने सोशल मीडिया पर इस कदम के खिलाफ खुलकर अपना गुस्सा व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए फिल्म के निर्देशक हनी त्रेहान का पुरजोर समर्थन किया।
अनुराग बसु ने देश की मौजूदा परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए हनी त्रेहान की तुलना ईरान के बेहद चर्चित और विवादित फिल्म मेकर जाफर पनाही से कर दी। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि भारत में एक समय ऐसा भी देखना पड़ेगा जब हनी त्रेहान जैसे प्रतिभावान फिल्ममेकर को उन विपरीत हालातों से जूझना पड़ेगा जिसका सामना जाफर पनाही ने ईरान में किया था।
दरअसल जाफर पनाही ईरान के एक ऐसे फिल्म डायरेक्टर हैं जिन पर वहां की हुकूमत के खिलाफ दुष्प्रचार करने और व्यवस्था विरोधी प्रोपेगैंडा चलाने के बेहद गंभीर आरोप लगे थे। इन आरोपों के चलते उन्हें वहां की कोर्ट ने 1 साल जेल की सजा सुनाई थी।
इसके साथ ही उन पर 2 सालों तक देश से बाहर जाने और किसी भी तरह के सामाजिक या राजनीतिक समूह का हिस्सा बनने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। अनुराग बसु का यह बयान सीधे तौर पर संकेत देता है कि आज के समय में भारतीय डायरेक्टरों को भी अपनी कला और विचारों को प्रस्तुत करने में वैसी ही कठोर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
फिल्म 'सतलुज' के रास्ते में अड़चनें आने का सिलसिला काफी पुराना है और इसका अतीत विवादों से घिरा रहा है। शुरुआत में इस सिनेमाई प्रोजेक्ट का नाम 'पंजाब 95' तय किया गया था। साल 2022 में जब 'सतलुज' को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के सामने प्रमाण पत्र के लिए प्रस्तुत किया गया था तो सेंसर बोर्ड ने इस पर आपत्ति जताई थी।
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फिल्म से जुड़े लोगों का आरोप था कि बोर्ड ने इसे पास करने के लिए लगभग 127 कट्स लगाने की शर्त रख दी थी जिसके कारण यह मामला तकरीबन 3 सालों तक ठंडे बस्ते में रहा। काफी संघर्ष के बाद इसका नाम बदलकर 'सतलुज' रखा गया जिसमें दिलजीत दोसांझ के साथ अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह और सुविंदर विक्की ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।