अर्चना पूरन सिंह (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया) 
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'मैं टीचर बनना चाहती थी...' जब एक्टिंग में आने से टूट गया था अर्चना पूरन सिंह का सपना, सालों बाद छलका दर्द

Archana Puran Singh Acting Career: दिल्ली के फेमस एलएसआर कॉलेज की टॉपर रहीं अर्चना पूरन सिंह जब सिविल सर्विस का सपना छोड़कर एक्टिंग की दुनिया में गईं, तो उनके टीटर बेहद निराश और उदास हो गए थे।

यति सिंह

Archana Puran Singh Life Story: एक्ट्रेस अर्चना पूरन सिंह आज फिल्म इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनके इस मुकाम तक पहुंचने के पीछे उनके शिक्षकों के टूटे हुए सपनों की एक भावुक कहानी छिपी है। अर्चना पूरन सिंह बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में बेहद होशियार थीं। उन्होंने दिल्ली के फेमस लेडी श्रीराम कॉलेज से इंग्लिश ऑनर्स की डिग्री हासिल की थी।

स्कूल और कॉलेज के दिनों में वह हमेशा अपनी क्लास में फर्स्ट आया करती थीं। उनकी इस असाधारण प्रतिभा के कारण वे अपने सभी शिक्षकों की पसंदीदा छात्रा बन गई थीं। उनके टीचर उनकी बुद्धिमत्ता और लगन को देखकर बेहद प्रभावित रहते थे और उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे।

सिविल सर्विस का वो अधूरा ख्वाब

उस दौर में पढ़ाई में तेज बच्चों से अक्सर यही उम्मीद की जाती थी कि वे प्रशासनिक सेवाओं का हिस्सा बनेंगे। अर्चना के टीचर भी दिल से चाहते थे कि वे सिविल सेवा यानी आईएएस या आईपीएस अधिकारी बनकर देश का नाम रोशन करें।

उनके टीचर्स को पूरा भरोसा था कि अर्चना में वह काबिलियत है जो उन्हें प्रशासनिक सेवा के शीर्ष पर पहुंचा सकती है। वे अक्सर क्लास में अर्चना को देश के विकास में योगदान देने और एक शानदार प्रशासनिक करियर चुनने की सलाह दिया करते थे।

जब टूटी उम्मीदों की नाजुक डोर

एक दिन अचानक सब कुछ बदल गया जब अर्चना ने अपनी लाइफ का सबसे बड़ा फैसला अपने गुरुओं के साथ शेयर किया। जब उन्होंने बताया कि वे सिविल सर्विस की तैयारी करने के बजाय मुंबई जाकर एक्टिंग को अपना करियर बनाना चाहती हैं, तो उनके शिक्षकों को गहरा धक्का लगा।

वे यह मानने को तैयार ही नहीं थे कि उनकी सबसे होशियार छात्रा ग्लैमर की इस अनिश्चित दुनिया में कदम रखने जा रही है। टीचर्स के लिए अपनी चहेती छात्रा को एक सुरक्षित और प्रतिष्ठित करियर छोड़कर फिल्म इंडस्ट्री की ओर जाते देखना बेहद दुखद और निराशाजनक था।

आज भी याद आती है वो मायूसी

अर्चना पूरन सिंह अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए अर्चना बताती हैं कि पीछे मुड़कर देखने पर आज वह सब बहुत दिलचस्प लगता है। एक्टिंग की इस खूबसूरत राह ने उन्हें जिंदगी में बेपनाह प्यार, भरपूर हंसी और ऐसे नायाब अनुभव दिए हैं जिनकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।

उन्हें आज भी उम्मीद है कि अगर उनका कोई भी टीचर आज उन्हें इस मुकाम पर सफलता हासिल करते हुए देख रहा होगा, तो उनके दिल में अपनी इस पसंदीदा छात्रा के लिए गर्व जरूर महसूस हो रहा होगा।

बता दें कि अर्चना पूरन सिंह ने अपने एक्टिंग की शुरुआत साल 1982 में आई सोलो फिल्म से की थी। साल 1987 में उन्होंने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के साथ बड़े पर्दे पर अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरा था।

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