मोबाइल पर किसी को कॉल लगाने के बाद अमिताभ बच्चन की आवाज से लोग परेशान हो रहे थे, हालांकि अमिताभ बच्चन की कॉलर ट्यून साइबर अपराध से लोगों को जागरूक करने के लिए जनहित में जारी की गई एक मुहिम थी, लेकिन कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर यूजर्स ने अमिताभ बच्चन को इसी बात के लिए निशाना बनाया था। एक यूजर ने लिखा था कि आप फोन पर बोलना बंद क्यों नहीं कर देते? तब अमिताभ बच्चन ने भी जवाब दिया था कि उन्हें ऐसा करने के लिए सरकार ने कहा है। इसके बाद यह खबर चर्चा का विषय बन गई और अचानक भारत सरकार की तरफ से उस मुहिम को रोकने का फैसला किया गया है, तो क्या ऐसा अमिताभ बच्चन के ट्रोल होने की वजह से किया गया है।
भारत सरकार ने साइबर अपराध से जुड़े मामलों के लिए जनहित में एक मुहिम चलाई थी, जिसमें मोबाइल पर की गई हर काल के पहले अमिताभ बच्चन की कॉलर ट्यून सुनाई देती थी और लोगों को साइबर अपराध के बारे में जागरूक किया जाता था। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार यह अभियान अब समाप्त हो गया है इसलिए भारत सरकार ने कॉलर ट्यून को बंद करने का निर्णय लिया है। मतलब अब अमिताभ बच्चन की आवाज किसी कॉल से पहले सुनाई नहीं देगी। कॉलर ट्यून हटाने का सरकार का फैसला अमिताभ बच्चन के ट्रोल होने की वजह से नहीं आया है बल्कि इस मुहिम की अवधि समाप्त हो गई थी। इसलिए इसे बंद किया जा रहा है।
23 जून को अमिताभ बच्चन ने एक्स पर ट्वीट किया था जिसमें लिखा था, जी हां हुजूर, मैं भी प्रशंसक हूं तो !!! ?? इसी पर पल्लवी आनंद नाम की एक यूजर ने उन्हें रिप्लाई करते हुए लिखा था, तो फोन पर बोलना बंद करो भाई। इसके जवाब में अमिताभ बच्चन ने लिखा, सरकार को बोलो भाई, उन्होंने हमसे कहा सो किया। इसी के बाद से साइबर अपराध को लेकर चल रही कॉलर ट्यून चर्चा में आ गई थी और जब सरकार ने इसे बंद करने का फैसला लिया, तो लोगों को यह लगने लगा कि अमिताभ बच्चन के ट्रोल होने की वजह से ऐसा किया गया है, जबकि ऐसी बात नहीं है।