अलका याग्निक (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया) 
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Alka Yagnik Disease: दो साल पहले बहरेपन का शिकार हुईं थी अलका याग्निक? जानिए कैसे चली गई सुनने की क्षमता

Alka Yagnik Disease Hearing Loss: फेमस प्लेबैक सिंगर अलका याग्निक एक दुर्लभ बीमारी के कारण अचानक बहरेपन का शिकार हो गई हैं, जिसके चलते उन्हें चलने-फिरने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

यति सिंह

Alka Yagnik Disease Update: सुरों की मल्लिका अलका याग्निक के करोड़ों फैंस के लिए एक बेहद परेशान करने वाली खबर सामने आई है। अपनी जादुई आवाज से दशकों तक संगीत जगत पर राज करने वाली इस दिग्गज गायिका को लेकर एक ऐसी सच्चाई सामने आई है, जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों को हैरान करके रख दिया है।

पिछले 2 सालों से एक बेहद दुर्लभ और गंभीर बीमारी से जूझ रहीं गायिका अलका याग्निक की शारीरिक स्थिति इस कदर बिगड़ चुकी है कि अब उन्हें चलने के लिए भी दूसरों के सहारे की जरूरत पड़ रही है। इस खबर के सामने आते ही संगीत प्रेमियों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

पद्म पुरस्कार समारोह में दिखा दर्दभरा मंजर

हाल ही में राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समारोह में जब गायिका अलका याग्निक को पद्म भूषण सम्मान से नवाजा जा रहा था, तब वहां मौजूद हर शख्स की आंखें उन्हें देखकर नम हो गईं। देश के इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान को लेने के लिए जब उनका नाम पुकारा गया, तो अलका याग्निक अपने पैरों पर ठीक से खड़ी भी नहीं हो पा रही थीं। अलका याग्निक को मंच तक आने और पुरस्कार लेने के लिए एक सहायक का सहारा लेना पड़ा। व्हीलचेयर और अटेंडेंट की मदद से कार्यक्रम में पहुंचीं अलका याग्निक की यह बेबसी देखकर वहां उपस्थित हर कोई भौचक्का रह गया। जो गायिका कभी अपनी आवाज से स्टेज पर आग लगा देती थी, उसकी यह स्थिति हैरानी वाली हो गई है।

अचानक चली गई सुनने की क्षमता

दरअसल  कुछ समय पहले एक विमान यात्रा के दौरान जब अलका याग्निक फ्लाइट से नीचे उतरीं, तो उन्हें अचानक महसूस हुआ कि उन्हें कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा है। शुरुआत में इसे नॉर्मल प्रोब्लम समझा गया, लेकिन डॉक्टरों की जांच में पता चला कि अलका याग्निक सेंसरी न्यूरल नर्व हीयरिंग लॉस का शिकार हो गई थीं। बता दें कि सीधे तौर पर उनके कान की नसों पर इस बीमारी का असर पड़ा  था। इस अचानक हुए बहरेपन ने न केवल उनके रूटीन लाइफ  को बदल दिया, बल्कि उनके शानदार संगीत करियर पर भी एक बहुत बड़ा सवालिया निशान लगा दिया।

क्या है ये दुर्लभ बीमारी, जिसने छीना जीवन का सुकून

डॉक्टरों के अनुसार सेंसरी न्यूरल नर्व हीयरिंग लॉस बीमारी इतनी दुर्लभ है कि इसके गिने-चुने मामले ही सामने आते हैं। इस बीमारी में कान के अतिरिक्त हिस्से और दिमाग को जोड़ने वाली नसें पर पूरी तरह से असर पड़ता हैं, जिससे व्यक्ति न सिर्फ अपनी सुनने की क्षमता खो देता है बल्कि उसके शरीर का संतुलन भी बिगड़ने लगता है। इसी वजह से अलका याग्निक को खड़े होने और चलने में इतनी ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 24 महीनों से वह लगातार इस स्थिति से उबरने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन सुधार बीमारी में सुधार बहुत धीमा हो रहा है।

करोड़ों फैंस कर रहे अलका याग्निक के सुधार की दुआ

गायिका अलका याग्निक इस समय पूरी तरह से डॉक्टरों की निगरानी में हैं और हैवी ट्रीटमेंट से गुजर रही हैं। उनके परिवार और करीबी दोस्तों की तरफ से लगातार उनकी सेहत पर नजर रखी जा रही है। सिनेमा जगत की तमाम हस्तियों और देश-विदेश में फैले उनके करोड़ों फैंस ने उनकी सलामती के लिए प्रार्थनाएं शुरू कर दी हैं।

वहीं डॉक्टरों की कोशिश है कि मॉर्डन ट्रीटमेंट साइंस और फैंस की दुआओं के सहारे सुरों की यह जादूगरनी एक बार फिर इस गंभीर बीमारी को हराकर अपने पैरों पर खड़ी होगी और उनकी आवाज का जादू फिर से बिखरेगा।

सुरों की मल्लिका धीरे-धीरे कर रहीं वापसी

4 दशकों से भी लंबे शानदार करियर में अभिनेत्री माधुरी दीक्षित का गाना ‘एक दो तीन’, टंडन का गाना ‘टिप टिप बरसा पानी’ और दीपिका पादुकोण ‘अगर तुम साथ हो’ जैसे कालजयी गीत देने वाली अंलका याग्निक ने संगीत प्रेमियों को एक जरूरी सलाह भी दी है। उन्होंने युवा पीढ़ी और संगीतकारों को बहुत तेज आवाज में संगीत सुनने और लंबे समय तक हेडफोन का इस्तेमाल करने से बचने की चेतावनी दी है।

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