Film Industry Working Hours Controversy: बॉलीवुड में इन दिनों काम करने के तौर-तरीकों और कलाकारों की सहूलियत को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। हाल ही में आई कुछ खबरों ने फिल्म इंडस्ट्री में हलचल तेज कर दी थी कि फेमस एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण ने 8 घंटे की वर्क शिफ्ट की मांग पूरी न होने के कारण फिल्म 'स्पिरिट' से खुद को अलग कर लिया है।
इस बड़े विवाद के बीच अब सिनेमा जगत के जाने-माने कोरियोग्राफर और डायरेक्टर अहमद खान का एक बेहद महत्वपूर्ण बयान सामने आया है। अपनी नई फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' की सफलता का स्वाद चख रहे निर्देशक ने फिल्म इंडस्ट्री में काम के घंटों को लेकर चल रहे इस विवाद पर खुलकर बात की है।
दरअसल इस पूरे मामले पर अपनी राय शेयर करते हुए डायरेक्टर ने बीते दौर को याद किया जब काम करने का तरीका आज से बिल्कुल अलग हुआ करता था। उन्होंने अपने शुरुआती दिनों का अनुभव शेयर करते हुए बताया कि वह एक ऐसे समय से आते हैं जब फिल्म इंडस्ट्री में लोग दिन के 24 घंटे लगातार काम में जुटे रहते थे।
अहमद खान ने खुद एक दिन में 3 अलग-अलग शिफ्टों में काम संभाला है, जिसमें सुबह 7 बजे से लेकर अगले दिन तड़के 5 बजे तक का बिजी शड्यूल शामिल होता था। उस दौर में कलाकारों और क्रू मेंबर्स को एक स्टूडियो से दूसरे स्टूडियो भागना पड़ता था और सफर का समय भी उसी में शामिल होता था।
बीते समय के बेहद कठिन और थका देने वाले शेड्यूल का हिस्सा रहने के बावजूद अहमद खान का मानना है कि आज के दौर में चीजें काफी बदल चुकी हैं। उनका कहना है कि आज के युवा सितारों और कलाकारों से पुराने जमाने के उसी थकाऊ रूटीन का पालन करने की उम्मीद करना पूरी तरह गलत होगा।
आज के दौर के कलाकारों के पास सिर्फ फिल्मों की शूटिंग ही एकमात्र काम नहीं रह गया है। वे शूटिंग के अलावा लगातार कई तरह के एडस, ब्रांड एंडोर्समेंट और सार्वजनिक कार्यक्रमों में बिजी रहते हैं। शाम के समय उन्हें कई अन्य व्यावसायिक प्रतिबद्धताओं को पूरा करना होता है, जिसके कारण उनका शड्यूल बेहद बिजी हो जाता है।
बता दें कि दीपिका पादुकोण ने 8 घंटे की वर्क शिफ्ट की मांग को लेकर चर्चा फिल्म इंडस्ट्री में काफी समय से चल रही है। इस हकीकत को स्वीकार करते हुए अहमद खान ने अपने साथी फिल्म निर्माताओं और निर्माताओं को एक बेहद जरूरी सलाह दी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक कलाकार सेट पर पूरी लगन से काम कर रहे हैं, तब तक उनकी मांगों का सम्मान किया जाना चाहिए।
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कलाकार 8 घंटे काम करने के बाद अपने बाकी बचे समय में अन्य पेशेवर काम निपटाना चाहते हैं, न कि वे कोई खेल खेलने या मौज-मस्ती करने जा रहे हैं। इसलिए फिल्म इंडस्ट्री को इस बदलाव को अपनाना चाहिए। फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' के डायरेक्टर ने सुझाव दिया कि अब निर्माताओं को अपनी योजना में बदलाव करते हुए आठ घंटे के हिसाब से ही अपना शूटिंग शेड्यूल तैयार करना चाहिए।