West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव का पहला चरण शुरू होने वाला है, लेकिन उससे पहले ही हिंसा की आग ने राज्य को झुलसाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को जब पहले चरण के प्रचार का शोर थमने वाला था, तभी पश्चिम मेदिनीपुर जिले के दांतन में वह खौफनाक मंजर देखने को मिला जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी।
चुनाव प्रचार के आखिरी घंटों में हुई इस हिंसा ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। दांतन का मोहनपुर ब्लॉक अचानक से रणक्षेत्र में तब्दील हो गया और देखते ही देखते एक शांतिपूर्ण रैली चीख-पुकार और धुएं के गुबार में बदल गई।
दांतन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार अजीत कुमार जाना के समर्थन में हरिपुर से एक विशाल बाइक रैली निकाली गई थी। सैकड़ों कार्यकर्ताओं के जोश और नारों के बीच यह रैली मोहनपुर की ओर बढ़ रही थी। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन जैसे ही यह काफिला आंतला इलाके के पास पहुंचा, वहां पहले से घात लगाकर बैठे हमलावरों के एक बड़े समूह ने रास्ता रोक लिया। बिना किसी चेतावनी के अचानक हुए इस हमले ने रैली में शामिल लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावरों के पास लाठी-डंडे और धारदार हथियार थे, जिनसे उन्होंने कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
आरोप है कि यह हमला तृणमूल कांग्रेस के समर्थित बदमाशों द्वारा किया गया था। हमलावरों ने न केवल कार्यकर्ताओं को बेरहमी से पीटा, बल्कि संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचाया। रैली में शामिल कई मोटरसाइकिलों को बीच सड़क पर ही आग के हवाले कर दिया गया।
धूं-धूं कर जलते वाहनों और टूटे हुए शीशों के बीच चारों तरफ अफरातफरी मच गई। इस हिंसक झड़प में भाजपा प्रत्याशी अजीत जाना के हाथ में गंभीर चोट आई है और उनकी गाड़ी में भी जमकर तोड़फोड़ की गई। उपद्रवियों ने इलाके में इतना आतंक मचाया कि आम लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस को स्थिति संभालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
इस हमले के बाद घायल हुए सभी कार्यकर्ताओं को आनन-फानन में स्थानीय मोहनपुर ब्लॉक अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार कई कार्यकर्ताओं को गहरे जख्म आए हैं। घायलों में से एक भाजपा कार्यकर्ता की स्थिति इतनी ज्यादा नाजुक पाई गई कि उसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पड़ोसी राज्य ओडिशा के बालासोर अस्पताल में रेफर करना पड़ा। वहां वह कार्यकर्ता इस समय जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। भाजपा का आरोप है कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए जानलेवा हथियारों का इस्तेमाल किया गया है।
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घटना की गंभीरता को देखते हुए पूरे दांतन क्षेत्र में भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस के आला अधिकारी इलाके में फ्लैग मार्च कर रहे हैं। इस हिंसा के विरोध में आक्रोशित भाजपा कार्यकर्ताओं ने मोहनपुर पुलिस स्टेशन के सामने एगरा-सोलपाटा राज्य राजमार्ग को जाम कर दिया और हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। हालांकि स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।