वाराणसी में पूजा करती महिलाएं, फोटो- IANS 
विधानसभा चुनाव 2026

वाराणसी: महिलाओं ने की बंगाल में सत्ता परिवर्तन की प्रार्थना, गंगा आरती के साथ BJP की जीत का मांगा आशीर्वाद

Varanasi News: वाराणसी के गंगा घाट पर महिलाओं ने शंखनाद और सूर्य उपासना कर पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत के लिए प्रार्थना की। बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर है।

प्रतीक पाण्डेय

Varanasi Women Pray for BJP: देश की धार्मिक नगरी वाराणसी में सोमवार को एक अनूठा दृश्य देखने को मिला। यहां के प्रसिद्ध गंगा घाट पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत सुनिश्चित करने के लिए विशेष पूजा-अर्चना की। गंगा आरती के साथ ही महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर उनकी आराधना की। इस दौरान शंखनाद के साथ पूरा वातावरण गूंज उठा। महिलाओं ने पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ बंगाल में सत्ता परिवर्तन और भाजपा की सरकार बनने की मंगलकामना की।

महिलाएं बोलीं-'बंगाल में बदलाव जरूरी'

पूजा में शामिल एक महिला ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, "हमने यहां मां गंगा की प्रार्थना की है और आरती उतारी है। हमें पूरी उम्मीद है कि इस बार बंगाल में भाजपा सत्ता में आएगी। वहां अब बदलाव होना बेहद जरूरी है और हम सभी चाहते हैं कि भाजपा की जीत हो।" वहीं एक अन्य महिला ने बताया कि बंगाल में भाजपा की सरकार लाने के लिए उन्होंने सूर्य उपासना और शंखनाद किया है। उन्होंने कहा कि वहां की जनता ने बहुत मुश्किलें झेली हैं और अब वे और तकलीफ नहीं उठाना चाहती हैं।

मतगणना शुरू होते ही एग्जिट पोल में बदलाव के मिल रहे संकेत

इसी बीच, सोमवार सुबह 8 बजे से पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना शुरू हो गई है। ज्ञात हो कि इस बार बंगाल में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान संपन्न हुआ था, जिसमें रिकॉर्ड करीब 93 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस बार के अधिकांश एग्जिट पोल के अनुमानों ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 15 साल पुराने शासन के अंत और भाजपा की नई सरकार बनने की भविष्यवाणी की है।

TMC और BJP में सीधी टक्कर

इस चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल भाजपा के बीच देखा जा रहा है। इस बार लेफ्ट फ्रंट और कांग्रेस ने अलग-अलग चुनाव लड़ा है। हालांकि, लेफ्ट फ्रंट का ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (एआईएसएफ) के साथ सीटों के बंटवारे का समझौता था। वर्ष 2021 के पिछले चुनावों की बात करें तो तृणमूल कांग्रेस ने 216 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा को 77 और एआईएसएफ को एक सीट मिली थी। उस समय कांग्रेस और लेफ्ट फ्रंट का खाता भी नहीं खुल सका था। इस बार दोनों के सामने अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की बड़ी चुनौती है।

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