Ajay Pal Sharma: आईपीएस अजय पाल शर्मा के पुलिस ऑब्जर्वर बनते ही ताबड़तोड़ एक्शन शुरू हो गया है। आईपीएस के एक्शन में आते ही ममता बनर्जी की पार्टी तिलमिला उठी। शर्मा के एक्शन में आते ही बंगाल में सियासी घमासान शुरू हो गया है।
तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का आरोप है कि अजय पाल शर्मा पार्टी के लोगों को डरा धमका रहे हैं। वो पार्टी के उम्मीदवारों को धमका रहे हैं। टीएमसी के नेता वीडियो शेयर कर रहे हैं। एक वीडियो सामने आया है जिसमें अजय पाल शर्मा टीएमसी के उम्मीदवार को बदमाशी ना करने की नसीहत देते दिख रहे हैं। इन वीडियोज के वायरल होने के बाद अब लोग ये जानना चाह रहे हैं कि आखिर अजय पाल शर्मा कौन हैं?
आईपीएस अजय पाल शर्मा उत्तर प्रदेश के सुपर कॉप स्पेशलिस्ट हैं। शर्मा के बारे में कहा जाता है कि उनकी तैनाती जहां होती है वहां बदमाशों में भय व्याप्त हो जाता है। कहा ये भी जाता है कि इनके तैनाती वाले इलाके में जमानत पर बाहर घूम रहे अपराधी अपनी जमानत कैंसिल करवाकर खुद-ब-खुद जेल चले जाते हैं।
अजय पाल शर्मा यूपी के टॉप सुपर कॉप्स में से एक माने जाते हैं। कई जिलों में तैनात रहते हुए शर्मा ने ढेरों एनकाउंटर किए हैं। इसके साथ ही सैकड़ों अपराधियों को खोज-खोजकर जेल भेज चुके हैं। अपनी कद-काठी और फिटनेस के साथ-साथ अपराधियों से सख्ती से निपटने के कारण लोग उनको सिंहम भी कहते हैं। शर्मा अभी प्रयागराज में जॉइंट सीपी हैं जबकि वे मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हैं। उत्तर प्रदेश के कई जिलों जैसे- शामली, जौनपुर, नोएडा और रामपुर में तैनात रहते हुए उनके लॉ एंड ऑर्डर को मेंटेन रखने का तरीका चर्चा में रहता है।
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शर्मा के एक्शन मोड में आते ही टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने अजयपाल का एक वीडियो टैग कर लिखा, 'मेरा फेयर एंड लवली बबुआ आईपीएस अजयपाल। हम तो वो लोग हैं जो कायदे से आपके छोटा फैंटा और बड़ा फैंटा का भी इलाज कर लेते हैं!! हीरोगिरी थोड़ा संभलकर कीजिए।'
सपा नेता अखिलेश यादव ने अजय पाल शर्मा के एक वीडियो को टैग करते हुए लिखा, ' बंगाल में भाजपा ने ऑब्जर्वर के नाम पर रामपुर और संभल में टेस्ट किये हुए अपने एजेंट भेजे हैं लेकिन इनसे कुछ होने वाला नहीं। दीदी हैं, दीदी रहेंगी! सही समय आने पर भाजपा और उनके संगी-साथियों के इन जैसे 'एजेंडों के एजेंटों' की सारी आपराधिक करतूतों की गहरी जांच होगी और बेहद सख्त दंडात्मक कार्रवाई भी। ये सब अधिकारी के रूप में अनरजिस्टर्ड लोगों के अनरजिस्टर्ड अंडरग्राउंड सदस्य हैं।’