West Bengal Elections Updates: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 2 मई को दक्षिण 24 परगना के मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के 11 बूथों तथा डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्र के 4 बूथों पर मतदान दोबारा मतदान कराया गया था। हालांकि, इस दौरान भाजपा और टीएमसी के कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प देखने को मिली।
पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा पर बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस की अंदरूनी कलह की असली वजह बताई। हिंसा पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने बताया, तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता सुरक्षित नहीं रहेंगे। TMC के अंदर पैसे को लेकर बहुत ज़्यादा आपसी झगड़ा चल रहा है।
पिछले तीन सालों में पश्चिम बंगाल में जितनी भी राजनीतिक हत्याएं हुई हैं, उनमें से 95% तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता ही हैं। 95% टीएमसी कार्यकर्ताओं में 99% अल्पसंख्यक है। पीड़ित का परिवार CBI जांच चाहता है। उन्हें पुलिस या CID पर कोई भरोसा नहीं है। तृणमूल कांग्रेस के अंदर जो भी आपसी झगड़ा है, वह सब पैसे के लिए है। नई सरकार को आने दीजिए; वे स्थिति को संभाल लेंगे।
पश्चिम बंगाल चुनाव में दोबारा हुई वोटिंग पर समिक भट्टाचार्य ने कहा, कि TMC सरकार अब गई। पश्चिम बंगाल में बहुत से लोगों ने कभी वोट नहीं दिया था। उन्हें वोट देने की इजाज़त नहीं थी। ऐसे माहौल में, अब जब लोग निडर हो गए हैं, तो उन्होंने वोट दिया है। TMC ने अपनी हार मान ली है, लेकिन फिर भी, क्योंकि उनके कार्यकर्ता काउंटिंग सेंटर्स पर जाते हैं, इसलिए वे ऐसे बयान दे रहे हैं।
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फाल्टा विधानसभा क्षेत्र की घटना को गंभीरता से लेते हुए बंगाल भाजपा अध्यक्ष ने कहा, पिछले 10 सालों से, TMC सिर्फ़ एक ही बात का प्रचार कर रही है। अगर आप वोट नहीं देंगे, तो सारी सुविधाएं बंद कर दी जाएंगी, राशन बंद हो जाएगा, दुकानें बंद हो जाएंगी, आपको वोट देना ही पड़ेगा। लेकिन अब, TMC सरकार और उनकी पार्टी, दोनों ही सत्ता से बाहर हो जाएंगी।
फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में हुई झड़प पर स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि टीएमसी समर्थक उन्हें वोट देने से रोक रहे है। इस मामले में टीएमसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और कुछ समर्थकों को गिरफ्तार भी किया गया। जारी है।