मालदा घटना (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विधानसभा चुनाव 2026

बंगाल चुनाव: मालदा हिंसा पर NIA का सनसनीखेज खुलासा! इस तरह जुटाई गई थी भीड़; अचानक बंद हुए थे सीसीटीवी कैमरे

NIA Investigation Malda: मालदा हिंसा में बड़ा खुलासा हुआ है। यह घटना कोई अचानक भड़की भीड़ नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। बताय जा रहा है कि टुक-टुक और ई-रिक्शा के जरिए भीड़ जुटाई गई थी।

सजल रघुवंशी

West Bengal Election 2026: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान मालदा में हुई हिंसा और न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने की घटना को लेकर गंभीर और चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना किसी अचानक भड़की भीड़ की प्रतिक्रिया नहीं थी बल्कि एक सुनियोजित और रणनीतिक साज़िश का हिस्सा थी।

शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि इसके पीछे कट्टरपंथी संगठनों की सक्रिय और गुप्त भूमिका हो सकती है। जो घटना पहले अव्यवस्थित और आकस्मिक लग रही थी अब जांच के बाद वह एक योजनाबद्ध और सोची-समझी साजिश के रूप में सामने आ रही है।

जांच में सामने आई बड़ी साजिश

दरअसल, जांच का एक अहम पहलू यह है कि टुक-टुक औैर ई-रिक्शा के जरिए लोगों को उकट्ठा करने के लिए ऐलान करवाए गए। आज तक की एक रिपोर्ट अपने सूत्रों के हवाले से यह दावा कर रही है कि मालदा में हुई घटना कोई आम घटना नहीं थी बल्कि इसे बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गाय था, जिसका उद्देश्य बड़ी संख्या में लोगों को एक जगह पर इकट्ठा कर माहौल को और ज्यादा तनावपूर्ण और संवेदनशील बनाना था। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपनी जांच का दायरा और विस्तृत कर दिया है। एजेंसी ने एसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारियों की दो विशेष टीमें गठित की हैं, जो एनआईए के आईजी की निगरानी में पूरे मामले की गहराई से और निष्पक्ष जांच कर रही हैं।

एनआईए ने बढ़ाया जांच का दायरा

दरअसल, एनआईए अब मालदा और मुर्शिदाबाद में पहले हुई हिंसक घटनाओं की भी दोबारा समीक्षा कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि क्या इन सभी घटनाओं के पीछे कोई एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है जो लगातार क्षेत्र में अशांति फैलाने की साजिश रच रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जांच का दायरा पश्चिम बंगाल की सीमाओं से आगे तक बढ़ाया गया है जहां संभावित कट्टरपंथी प्रभावों और नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।  इससे मामला और अधिक गंभीर व संवेदनशील बनता जा रहा है।

सीसीटीवी कैमरों का फॉरेंसिक ऑडिट शुरू

इस घटना की सटीक जानकारी जुटाने के लिए एनआईए ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों का फॉरेंसिक ऑडिट शुरू किया है। जांच में सामने आया कि कई अहम और संवेदनशील स्थानों पर कैमरे काम नहीं कर रहे थे। इस महत्वपूर्ण तथ्य का उल्लेख एनआईए ने अपनी रिपोर्ट में भी किया है, जिसे अदालत में पेश किया गया है। इससे इस पूरे मामले में साजिश के पहलू को और मजबूती मिलती है। इसके अलावा राष्ट्रीय जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में लगी है कि क्या इस घटना के तार किसी और भी राज्य से जुड़े हुए हैं।

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